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रूस से भारत तक चलेगी ट्रेन? मॉस्को ने रखा डायरेक्ट रेल लिंक का प्रस्ताव, होर्मुज संकट के बीच नई कनेक्टिविटी पर नजर

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समाचार-गढ़ 11 अगस्त, 2026।

मॉस्को: रूस ने भारत तक सीधा रेल संपर्क विकसित करने की संभावना तलाशने का प्रस्ताव रखा है। रूस के डिप्टी प्रधानमंत्री मरात खुसनुलिन ने रूसी समाचार एजेंसी TASS को दिए इंटरव्यू में कहा कि रूस को हिंद महासागर तक रेलवे रूट बनाने की संभावनाओं पर विचार करना चाहिए। उनका कहना है कि इससे बोस्फोरस और होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्गों से जुड़े जोखिमों को कम किया जा सकता है।

किन देशों से होकर गुजर सकता है रेल रूट?

रूस की ओर से जिन संभावित रास्तों की बात की गई है, उनमें तुर्कमेनिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान शामिल हैं। इनमें से किसी रास्ते के जरिए भारत तक रेल संपर्क पहुंचाने की संभावना तलाशने की बात कही गई है।

हालांकि, यह रूट कई संवेदनशील क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। अफगानिस्तान और पाकिस्तान में सुरक्षा चुनौतियां और अस्थिरता इस परियोजना के लिए बड़ी बाधा बन सकती हैं।

होर्मुज संकट के बीच क्यों उठा यह प्रस्ताव?

रूस का यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक है।

ऐसे हालात में रूस समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक जमीनी व्यापार और परिवहन कॉरिडोर तलाश रहा है। भारत तक रेल संपर्क इसी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

अभी सिर्फ संभावना, कोई तय प्रोजेक्ट नहीं

महत्वपूर्ण बात यह है कि रूस-भारत रेल लिंक अभी कोई स्वीकृत या निर्माणाधीन परियोजना नहीं है। फिलहाल रूस इसकी संभावनाओं, फायदे और व्यवहारिक चुनौतियों का आकलन करने की बात कर रहा है।

इतने लंबे रेल कॉरिडोर के लिए कई देशों की सहमति, सुरक्षा व्यवस्था, भारी निवेश और अलग-अलग देशों के रेलवे नेटवर्क के बीच समन्वय जरूरी होगा।

भारत के लिए क्यों अहम हो सकता है?

अगर भविष्य में ऐसा कोई रेल कॉरिडोर विकसित होता है तो भारत और रूस के बीच माल ढुलाई के लिए एक नया जमीनी रास्ता खुल सकता है। इससे समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम करने और यूरोप-एशिया के बीच व्यापारिक कनेक्टिविटी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

लेकिन अफगानिस्तान-पाकिस्तान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरने वाला रूट इसकी सबसे बड़ी चुनौती भी रहेगा।

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