समाचार-गढ़ 22 अगस्त, 2026।
यमन और सोमालिया के तट के पास हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने अलग-अलग घटनाओं में दो कमर्शियल जहाजों पर कब्जा कर लिया। दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार हैं। अधिकारियों के मुताबिक, सभी भारतीय क्रू मेंबर फिलहाल सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
अदन की खाड़ी में 16 भारतीयों वाला टैंकर कब्जे में
अधिकारियों के अनुसार, इरिट्रिया के झंडे वाला तेल उत्पाद टैंकर M.T. सिबू-1 को 20 अगस्त को अदन की खाड़ी में यमन के तट से करीब 30 नॉटिकल मील दूर हाईजैक किया गया।
जहाज पर कुल 20 क्रू मेंबर थे, जिनमें 16 भारतीय शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब छह हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने जहाज पर कब्जा किया है। संबंधित एजेंसी को घटना की जानकारी समुद्री सुरक्षा प्रणाली के जरिए देने और लगातार अपडेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सोमालिया के पास 6 भारतीयों समेत दूसरा जहाज हाईजैक
दूसरी घटना 17 अगस्त को सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास हुई। कैमरून के झंडे वाला M/V LUTUF समुद्री लुटेरों के कब्जे में चला गया। इस जहाज पर 10 क्रू मेंबर हैं, जिनमें 6 भारतीय शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, करीब आठ हथियारबंद लोग दो छोटी नावों से जहाज तक पहुंचे थे। उनके पास AK-47 जैसे हथियार थे। क्रू ने शुरुआत में सिटाडेल में शरण ली, लेकिन समुद्री लुटेरे वहां भी पहुंच गए और बाद में सभी को जहाज के ब्रिज तक ले आए।
बताया गया है कि जहाज को सोमालिया के नुगाल तट की ओर ले जाया गया है। क्रू में भारतीयों के अलावा तुर्की और जॉर्जिया के नागरिक तथा दो सर्बियाई सुरक्षा गार्ड भी शामिल हैं।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता
इन दोनों घटनाओं ने लाल सागर, अदन की खाड़ी और हिंद महासागर क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इस क्षेत्र में समुद्री डकैती के अलावा यमन से जुड़े हमलों का खतरा भी बना हुआ है।
फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया ने भी भारतीय नाविकों के सामने बढ़ते समुद्री सुरक्षा जोखिम को लेकर चिंता जताई है।
भारत दुनिया में समुद्री नाविकों की बड़ी संख्या उपलब्ध कराने वाले देशों में शामिल है। ऐसे में इन इलाकों में बढ़ती हाईजैकिंग की घटनाएं भारतीय क्रू की सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं।









