समाचार-गढ़ 24 अगस्त, 2026।
चंडीगढ़: चंडीगढ़ में IED और हथियार बरामदगी के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं। पुलिस के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी पाकिस्तान में मौजूद कथित खालिस्तानी आतंकी सतनाम सत्ता नौशेरा के संपर्क में थे और उसके निर्देशों पर काम कर रहे थे।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर आरोपी पंजाब और चंडीगढ़ में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश पर काम कर रहे थे। हालांकि, पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उनका वास्तविक टारगेट क्या था और IED को सेक्टर-43 बस अड्डे के पीछे क्यों छिपाया गया था।
तरनतारन और अमृतसर के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए तीन आरोपियों में दो तरनतारन और एक अमृतसर का रहने वाला है। इनके कब्जे से करीब 5 किलो जिलेटिन स्टिक, डेटोनेटर, पावर सोर्स, तार और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
इसके अलावा आरोपियों के पास से हथियार और कारतूस मिलने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस अब बरामद सामान के स्रोत और उसे आरोपियों तक पहुंचाने वाले नेटवर्क की जांच कर रही है।
बब्बर खालसा इंटरनेशनल से कनेक्शन की भी जांच
जांच एजेंसियां अब इस पूरे मामले में आरोपियों के नेटवर्क और उनके संभावित आतंकी संपर्कों को खंगाल रही हैं। शुरुआती जांच के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर के निर्देश पर विस्फोटक और अन्य सामान जुटाया था।
पुलिस सूत्रों ने इस साजिश में प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) की संभावित भूमिका का भी दावा किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस नेटवर्क को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से भी किसी तरह का समर्थन या निर्देश मिल रहा था।
बस अड्डे के पीछे IED क्यों छिपाई गई?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आरोपियों ने IED को सेक्टर-43 स्थित अंतरराज्यीय बस अड्डे के पीछे ही क्यों छिपाया था।
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों का तत्काल उद्देश्य बस अड्डे पर विस्फोट करना जरूरी नहीं था। ऐसे में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि IED को वहां रखने का मकसद क्या था और इसके पीछे संभावित टारगेट कौन था।
तीन संदिग्ध हिरासत में, FIR दर्ज
चंडीगढ़ पुलिस ने रविवार को सेक्टर-43 अंतरराज्यीय बस अड्डे के पीछे से IED और हथियारों से जुड़ा सामान बरामद किया था। यह सामान एक टिफिन बॉक्स और बैग के अंदर छिपाकर रखा गया था। मौके से आग्नेयास्त्र भी बरामद होने की बात सामने आई है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पंजाब के रहने वाले तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया और मामले में FIR दर्ज की। सेक्टर-36 थाने में प्राथमिकी दर्ज कर अब आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि उनके पूरे नेटवर्क और संभावित साजिश का पता लगाया जा सके।
लुधियाना फायरिंग से भी जुड़ रही कड़ी
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में लुधियाना के एक पॉश इलाके में पिज्जा आउटलेट पर फायरिंग की घटना ने भी हड़कंप मचा दिया था। भाई रणधीर सिंह नगर के जे-ब्लॉक स्थित पिज्जा वार्म मेक्सिको आउटलेट में दो शूटर पहुंचे थे और महज कुछ सेकंड में तीन गोलियां चलाकर फरार हो गए थे।
घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया था। बाद में इंस्टाग्राम पर गोपी लहोरिया ग्रुप के नाम से बने एक पेज ने इस फायरिंग की जिम्मेदारी लेने वाली पोस्ट डाली थी।
चंडीगढ़ IED मामले में पुलिस अब इन घटनाओं के बीच किसी संभावित कनेक्शन और आरोपियों के नेटवर्क की भूमिका की भी जांच कर रही है।









