समाचार-गढ़ 24 अगस्त, 2026।
नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर के गोधनी इलाके में सोमवार देर रात एक वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से क्लोरीन गैस लीक होने के बाद हड़कंप मच गया। गैस के संपर्क में आने से करीब 35 से 40 लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें प्लांट के कर्मचारी और आसपास के स्थानीय लोग शामिल हैं।
घटना गोधनी नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित जलशोधन केंद्र की है, जहां पानी को साफ करने का प्रोजेक्ट चल रहा था। इसी दौरान करीब रात 1 बजे 900 किलोग्राम क्षमता वाले क्लोरीन गैस सिलेंडर में रिसाव शुरू हो गया। गैस फैलने के बाद कई लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी।
कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की तबीयत बिगड़ी
गैस की चपेट में आने से प्लांट में काम कर रहे करीब 8 से 10 कर्मचारियों के अलावा आसपास रहने वाले 20 से 25 लोगों को भी सांस लेने में दिक्कत हुई। इसके बाद सभी को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में भर्ती कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई गई है और करीब चार से पांच लोगों को ICU में रखा गया है। बाकी लोगों का सामान्य वार्ड में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक कई मरीजों ने सांस लेने में परेशानी की शिकायत की है।
12 लोगों को इलाज के बाद मिली छुट्टी
अधिकारियों के अनुसार करीब 35 से 40 लोग अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे थे, जिनमें से 12 लोगों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
गैस के संभावित प्रभाव को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के करीब 125 से 150 परिवारों को घरों से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। इलाके में राहत और बचाव अभियान जारी है।
NDRF और दमकल की टीमें मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, NDRF, नागपुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
NDRF अधिकारी ब्रजेश यादव के मुताबिक, टीम देर रात से गैस के रिसाव को रोकने में जुटी हुई है। एहतियात के तौर पर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट को दो दिनों के लिए मानव रहित कर दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक इलाके को सुरक्षित रखने और लोगों को प्रभावित क्षेत्र से दूर करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
पुलिस ने बताया- स्थिति नियंत्रण में
मानकपुर पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर हरेश कलशेकर ने बताया कि गोधनी नगर क्षेत्र के जलशोधन केंद्र में रात करीब एक बजे क्लोरीन गैस लीक होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रभावित लोगों को अस्पताल भेजने के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
अधिकारियों के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन गैस रिसाव के प्रभाव और पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राहत एवं बचाव दल मौके पर मौजूद हैं।









