निकाय चुनाव में खपाने की तैयारी की जांच, पुलिस खंगाल रही है बांग्लादेश से जुड़े नेटवर्क के तार
समाचार गढ़। जयपुर पुलिस की स्पेशल टीम और बजाज नगर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कथित जाली नोटों के एक गिरोह का खुलासा करने का दावा किया है। इस मामले में राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता एवं वरिष्ठ नेता आरसी चौधरी के बेटे साहिल चौधरी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 500-500 रुपये के 861 कथित जाली नोट बरामद हुए हैं, जिनकी अंकित कीमत 4 लाख 30 हजार 500 रुपये बताई गई है।
मामले को लेकर प्रदेश में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और कथित तौर पर जाली नोटों को खपाने की योजना की जांच में जुटी है।
नाकाबंदी के दौरान दो गाड़ियां पकड़ी, चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार स्पेशल टीम (CST) और बजाज नगर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि लग्जरी वाहनों के जरिए जाली नोटों की खेप जयपुर लाई जा रही है। इसके बाद शुक्रवार देर रात संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की गई।
नाकाबंदी के दौरान एक फॉर्च्यूनर और एक स्कॉर्पियो वाहन को रोककर तलाशी ली गई। पुलिस का दावा है कि दोनों वाहनों से 500 रुपये के कुल 861 कथित जाली नोट बरामद किए गए।
पुलिस ने इस मामले में साहिल चौधरी के अलावा हरियाणा के रोहतक निवासी अंशुल, प्रियांशु और आकाश को गिरफ्तार किया है। दोनों वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है।
ढाका से कोलकाता और हरियाणा होते हुए जयपुर पहुंचने की आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच में कथित जाली नोटों के नेटवर्क के तार बांग्लादेश तक जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच में यह जानकारी मिली है कि नोटों की खेप बांग्लादेश की राजधानी ढाका से अवैध माध्यमों से पश्चिम बंगाल पहुंची और वहां से हरियाणा के रास्ते जयपुर लाई गई।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच में रोहतक निवासी अमन राणा का नाम भी सामने आया है, जिसे इस नेटवर्क से जुड़ा मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। हालांकि मामले में पुलिस जांच जारी है और आगे कई खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
‘1 लाख असली के बदले 5 लाख नकली’ की कथित डील
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह कथित तौर पर 1 लाख रुपये के असली नोटों के बदले 5 लाख रुपये के जाली नोट देने की डील पर काम कर रहा था।
पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि आगामी राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 के दौरान इन नोटों को बाजार अथवा अन्य माध्यमों से खपाने की कोई योजना थी या नहीं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में अन्य लोग या स्थानीय नेटवर्क शामिल हैं या नहीं।
मामले ने पकड़ा राजनीतिक तूल
राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आरसी चौधरी के बेटे की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
भाजपा नेताओं ने मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की मांग की है। वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी आरोपी के व्यक्तिगत कृत्य के आधार पर पूरे संगठन को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। कांग्रेस की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच की बात कही गई है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य लोगों, कथित जाली नोटों के स्रोत तथा उनके संभावित वितरण नेटवर्क की जांच जारी है।
नोट: मामले में पुलिस जांच जारी है। गिरफ्तारी और बरामदगी से जुड़े आरोप जांच एवं पुलिस के दावों पर आधारित हैं और आरोपियों के विरुद्ध आरोपों का अंतिम न्यायिक निर्णय होना बाकी है।









