समाचार-गढ़ 27 अगस्त, 2026।
Meta ने बच्चों और टीनएजर्स के सोशल मीडिया इस्तेमाल को सीमित करने के लिए Instagram और Facebook पर नए सेफ्टी फीचर्स का ट्रायल शुरू किया है। इसके तहत रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक डिजिटल बेडटाइम लागू करने की तैयारी है। रात और स्कूल के समय नोटिफिकेशन भी कम किए जाएंगे।
बच्चों के लिए बदलेंगे कई फीचर्स
Meta नाबालिगों के पोस्ट पर लाइक और रिएक्शन की संख्या छिपाने, कॉस्मेटिक-सर्जरी फिल्टर पर रोक लगाने और एज-वेरिफिकेशन सिस्टम व पैरेंटल कंट्रोल को मजबूत करने की तैयारी में है।
कंपनी इनफिनिट-स्क्रॉल को भी सीमित करेगी। टीनएजर्स को एल्गोरिदम से चलने वाले पर्सनलाइज्ड फीड की जगह नॉन-पर्सनलाइज्ड फीड चुनने का विकल्प भी दिया जाएगा।
Meta पर लगा बच्चों को नुकसान पहुंचाने का आरोप
2023 में अमेरिका के 29 राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने Meta के खिलाफ केस दायर किया था। आरोप था कि Facebook और Instagram को बच्चों और टीनएजर्स को ज्यादा समय तक प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने के लिए डिजाइन किया गया और कंपनी को इससे होने वाले संभावित मानसिक व शारीरिक नुकसान की जानकारी थी।
मामला बाद में 47 राज्यों, US कैपिटल और कई अमेरिकी क्षेत्रों तक पहुंच गया। इसका ट्रायल 18 अगस्त से शुरू हुआ है।
Meta के पूर्व सेफ्टी इंजीनियर आर्टुरो बेजार की गवाही ने भी कंपनी के लिए मुश्किलें बढ़ाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि Meta में बच्चों की सुरक्षा से ज्यादा एंगेजमेंट और ग्रोथ को प्राथमिकता दी जाती थी।
Meta पर अरबों डॉलर का भुगतान करने का दबाव
सेटलमेंट के तहत Meta को शुरुआत में करीब 12.7 बिलियन डॉलर देने की उम्मीद है और कुल रकम 17.1 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। यह करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये के बराबर है।
हालांकि, 2025 में Meta का रेवेन्यू करीब 201 बिलियन डॉलर रहा था, इसलिए कंपनी के लिए यह रकम उसके कुल कारोबार की तुलना में कम है।
इसके अलावा, कंपनी एक स्वतंत्र ऑडिटर के जरिए अपने सेफ्टी-कम्प्लायंस की निगरानी कराने और प्लेटफॉर्म की सुरक्षा को लेकर भ्रामक दावे न करने पर भी सहमत हुई है।









