समाचार-गढ़ 27 अगस्त, 2026।
नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह लैंडस्लाइड के बाद अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। हादसे में नेपाल में 165 और तिब्बत में 3 लोगों की मौत हुई है। 1,400 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
नेपाल में 826 लोग लापता हैं, जिनमें 300 से ज्यादा भारतीय नागरिक शामिल हैं। वहीं, तिब्बत में 550 से अधिक लोगों का अभी तक सुराग नहीं मिला है।
खराब मौसम और क्षतिग्रस्त रास्तों के बीच राहत-बचाव अभियान जारी है। नेपाली सेना ने बुधवार सुबह रसुवा के टिमुरे से 116 लोगों को सुरक्षित निकाला, जिनमें 95 नेपाली और 21 भारतीय नागरिक शामिल हैं।
लैंडस्लाइड से आया 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा झटका
बुधवार सुबह 8:37 बजे नेपाल-चीन सीमा के पास तेज झटके महसूस किए गए। शुरुआत में USGS ने इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया था, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि पहाड़ का बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ ल्हेंदे खोला नदी में गिरा था।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, ग्लेशियर का हिस्सा टूटने के साथ बड़े पैमाने पर लैंडस्लाइड हुआ। इसका असर इतना तेज था कि जमीन में भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ। बाद में USGS ने भी कहा कि यह झटका भूकंप के कारण नहीं, बल्कि बड़े लैंडस्लाइड से पैदा हुआ था और इसकी तीव्रता 5.2 तीव्रता के भूकंप के बराबर आंकी गई।
बिहार में बढ़ा बाढ़ का खतरा
इस प्राकृतिक आपदा का असर भारत में मुख्य रूप से बिहार की गंडक और उससे जुड़ी नदियों पर पड़ने की आशंका है। नेपाल से करीब 3 मीटर ऊंची फ्लड वेव आने का अलर्ट है।
पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सीतामढ़ी और शिवहर पर भी नजर रखी जा रही है।
नेपाल का पानी त्रिशूली नदी के रास्ते गंडक तक पहुंचेगा, जिससे बिहार के निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ सकता है। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर में भी अलर्ट जारी किया गया है।









