समाचार-गढ़ 29 अगस्त, 2026।
केंद्र सरकार महिला आरक्षण से जुड़े परिसीमन बिल को आगे बढ़ाने के लिए सितंबर के तीसरे हफ्ते में संसद का छोटा विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर रही है। हालांकि, सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती संविधान संशोधन के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत जुटाने की है।
सूत्रों के मुताबिक, सत्र बुलाने से पहले सर्वदलीय बैठक कराने का विकल्प भी विचाराधीन है। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को पत्र लिखकर इसकी मांग की थी।
3-4 दिन का हो सकता है विशेष सत्र
प्रस्तावित विशेष सत्र सितंबर के तीसरे हफ्ते में करीब 3 से 4 दिन चल सकता है। इसका मुख्य एजेंडा परिसीमन से जुड़े महिला कोटा कानून पर केंद्रित रहने की संभावना है।
मानसून सत्र के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित है, लेकिन अभी औपचारिक सत्रावसान नहीं हुआ है। ऐसे में सरकार के पास इसी सत्र को विशेष बैठक के लिए दोबारा बुलाने का विकल्प मौजूद है।
सरकार क्यों कर रही है संख्याबल का आकलन?
महिला कोटा से जुड़े जरूरी संविधान संशोधन बिल लोकसभा में लंबित हैं। इन्हें पास कराने के लिए सरकार को दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी।
सूत्रों के मुताबिक, NDA की राजनीतिक ताकत में हाल के बदलावों और कुछ नए सहयोगियों के समर्थन के बावजूद सरकार अभी जरूरी संख्याबल को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होना चाहती है।
अगर सरकार को बहुमत का भरोसा हुआ तो सितंबर में विशेष सत्र बुलाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। वहीं, संख्याबल को लेकर असमंजस रहा तो फैसला आगे टाला जा सकता है।









