समाचार-गढ़ 27 अगस्त, 2026।
BSE मंथली एक्सपायरी के दिन भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहा। ग्लोबल बाजारों से मिले-जुले संकेत, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और बढ़ती तेल कीमतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि फार्मा और डिफेंस शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 539 अंक यानी 0.70% गिरकर 76,933.59 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 117 अंक यानी 0.48% टूटकर 24,090.85 पर पहुंच गया। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी हल्की गिरावट के साथ बंद हुए।
इस बीच Welspun Corp, HFCL, Solar Industries, Jindal Saw, Anthem Biosciences, Aether Industries, Laurus Labs, Glenmark Pharma, Divi’s Labs, GSK Pharma और JSW Steel समेत 140 से ज्यादा शेयरों ने 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर छुआ।
एक्सपायरी और ग्लोबल अनिश्चितता का असर
Geojit Investments के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के मुताबिक, एक्सपायरी से जुड़ी उठापटक और मिडिल ईस्ट में कूटनीतिक सफलता नहीं मिलने के कारण शॉर्ट टर्म में बाजार एक दायरे में बना हुआ है।
हालांकि हाल में कच्चे तेल और लॉन्ग-टर्म बॉन्ड यील्ड में आई कमी महंगाई के आउटलुक के लिए सकारात्मक है। FII निवेश और कंपनियों की मजबूत कमाई भी भारतीय बाजार, खासकर मिडकैप शेयरों को सपोर्ट कर रही है।
निवेशकों की नजर अब फेड चेयरमैन के आगामी जैक्सन होल भाषण पर रहेगी। इसमें महंगाई, ब्याज दरों और आगे की पॉलिसी को लेकर संकेत मिल सकते हैं।
28 अगस्त को बाजार में और कमजोरी का खतरा?
LKP Securities के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे के मुताबिक, निफ्टी डेली टाइमफ्रेम पर ‘राइजिंग चैनल’ के नीचे आ गया है और 50-EMA से भी नीचे फिसला है। RSI में भी कमजोरी दिखाई दे रही है। ऐसे में निफ्टी के 23,900 और उससे नीचे जाने की संभावना बन रही है। ऊपर की तरफ 24,200-24,350 अहम रेजिस्टेंस है।
Kotak Securities के श्रीकांत चौहान के मुताबिक, ऊंचे स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली और चार्ट पर बेयरिश संकेत बने हैं। हालांकि 24,100/77,000 के ऊपर टिकने पर टेक्निकल बाउंस बैक हो सकता है और निफ्टी 24,250-24,300 तक पहुंच सकता है।
वहीं 24,000/76,700 के नीचे बिकवाली और बढ़ सकती है। इसके बाद निफ्टी 23,900-23,850 और सेंसेक्स 76,500-76,200 तक फिसल सकता है।









