समाचार-गढ़ 4 सितंबर, 2026।
नगरपालिका चुनाव में नाम वापसी के आखिरी दिन नाथद्वारा उपखंड कार्यालय में उस वक्त हाई-वोल्टेज सियासी ड्रामा देखने को मिला, जब वार्ड नंबर 23 से भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रजापत नामांकन वापस लेने के लिए निर्वाचन कार्यालय पहुंचे। उनके पहुंचते ही भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और कुछ ही मिनटों में माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रजापत को दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच से अपने साथ ले लिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की और कुछ देर धरने पर भी बैठे।
नाम वापसी की खबर से पहले ही गरम था माहौल
दिनेश प्रजापत के नामांकन वापस लेने की चर्चा एक दिन पहले से ही राजनीतिक गलियारों में चल रही थी। गुरुवार को दोपहर करीब 1:05 बजे वह नामांकन वापस लेने के लिए उपखंड कार्यालय पहुंचे।
जैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं को उनके पहुंचने और नामांकन वापस लेने की भनक लगी, वे उन्हें रोकने के लिए मौके पर पहुंचने लगे। इसी बीच कांग्रेस कार्यकर्ता भी वहां जमा हो गए।
प्रजापत उपखंड कार्यालय के निचले तल तक पहुंच चुके थे। देखते ही देखते दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और उनके बीच बहस शुरू हो गई।
दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने
भाजपा प्रत्याशी को लेकर दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं में खींचतान बढ़ने लगी। इससे उपखंड कार्यालय परिसर में तनाव का माहौल बन गया।
मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया। पुलिसकर्मियों ने दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच से दिनेश प्रजापत को अपने साथ ले लिया।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी नाराज हो गए। उन्होंने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए विरोध और नारेबाजी शुरू कर दी।
पुलिस ने बढ़ाया जाब्ता
घटना के बाद उपखंड कार्यालय परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को अलग-अलग किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
एहतियात के तौर पर परिसर में पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई, ताकि दोबारा किसी तरह का विवाद न हो।
सिर्फ तीन मिनट में बदल गया पूरा चुनावी माहौल
नाम वापसी के लिए दिनेश प्रजापत के उपखंड कार्यालय पहुंचने से लेकर पुलिस द्वारा उन्हें अपने साथ ले जाने तक करीब तीन मिनट के भीतर घटनाक्रम तेजी से बदल गया।
कुछ ही देर में बड़ी संख्या में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर जमा हो गए। इस घटना ने वार्ड नंबर 23 के चुनावी मुकाबले को भी चर्चा में ला दिया।
वार्ड 23 में भाजपा के दिनेश प्रजापत के सामने कांग्रेस की ओर से पूर्व जिलाध्यक्ष देवकीनंदन गुर्जर के पुत्र अजय गुर्जर चुनाव मैदान में हैं।
कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन अधिकारी के सामने जताई आपत्ति
पुलिस द्वारा भाजपा प्रत्याशी को साथ ले जाने के बाद कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराने में जुट गए।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। बताया गया कि कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शाम करीब 6 बजे तक निर्वाचन अधिकारी और पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते रहे।
परिजन डिप्टी कार्यालय पहुंचे
इस पूरे घटनाक्रम के बाद दिनेश प्रजापत के परिजन भी पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय पहुंच गए। परिजन शाम तक वहां मौजूद रहे और पुलिस से मांग करते रहे कि दिनेश प्रजापत को उनके सामने लाया जाए।
परिजनों ने आरोप लगाया कि दिनेश को मारपीट करते हुए उपखंड कार्यालय परिसर से ले जाया गया और उन्हें उनके बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।
देर शाम तक परिजन डिप्टी कार्यालय में डटे रहे और दिनेश प्रजापत को उनके सामने लाने की मांग करते रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रत्याशी की गुमशुदगी का मामला दर्ज होने की बात भी सामने आई है।
मतदान से पहले नाथद्वारा में बढ़ी सियासी सरगर्मी
नाम वापसी के आखिरी दिन सामने आए इस घटनाक्रम ने नाथद्वारा नगरपालिका चुनाव की सियासत को अचानक गरमा दिया है। भाजपा प्रत्याशी के नामांकन वापस लेने की चर्चाओं से शुरू हुआ मामला कुछ ही देर में दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने और पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया।
अब सभी की नजर वार्ड नंबर 23 के अंतिम चुनावी समीकरण पर है और यह मामला आने वाले चुनाव में किस तरह असर डालता है, इस पर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।









