समाचार-गढ़ 3 सितंबर, 2026।
नई दिल्ली: मध्य एशिया का खूबसूरत देश उज्बेकिस्तान इन दिनों अपनी ऐतिहासिक विरासत, कम खर्च वाली जीवनशैली और प्राकृतिक संसाधनों को लेकर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर इसे दुनिया के सबसे सस्ते देशों में शामिल बताया जा रहा है। खासतौर पर भारतीय पर्यटकों के बीच यहां की करेंसी एक्सचेंज रेट और अपेक्षाकृत कम रोजमर्रा की लागत आकर्षण का केंद्र है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर चल रहा यह दावा कि सिर्फ 1000 रुपये लेकर उज्बेकिस्तान पहुंचते ही कोई ‘लखपति’ बन जाता है, मुद्रा की संख्या को लेकर है। बड़ी संख्या में स्थानीय करेंसी हाथ में मिलने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति की वास्तविक क्रय शक्ति एक लाख रुपये के बराबर हो जाती है।
भारतीयों के लिए क्यों सस्ता पड़ सकता है उज्बेकिस्तान?
उज्बेकिस्तान की आधिकारिक मुद्रा उज्बेकिस्तानी सोम (UZS) है। भारतीय रुपये को सोम में बदलने पर एक हजार रुपये के बदले स्थानीय मुद्रा की संख्या काफी ज्यादा दिखाई देती है।
यही वजह है कि सोशल मीडिया पर इसे लेकर ‘1000 रुपये में लखपति’ जैसे दावे किए जा रहे हैं। असल फायदा मुद्रा की गिनती में नहीं, बल्कि स्थानीय कीमतों और भारतीय रुपये की क्रय शक्ति में है।
ताशकंद, समरकंद, बुखारा और खीवा जैसे शहरों में स्थानीय खाना, सार्वजनिक परिवहन और कई तरह की रोजमर्रा की सेवाएं भारतीय पर्यटकों को अपेक्षाकृत किफायती लग सकती हैं।
होटल, टैक्सी और मेट्रो भी बजट में
उज्बेकिस्तान में बजट ट्रैवल करने वाले पर्यटकों के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं। स्थानीय बाजारों में खाना-पीना, गेस्ट हाउस या बजट होटल में ठहरना और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल अपेक्षाकृत कम खर्च में किया जा सकता है।
मेट्रो और स्थानीय परिवहन खासतौर पर कम लागत में शहर घूमने का विकल्प देते हैं। ताशकंद की मेट्रो अपने भव्य स्टेशनों की वजह से भी पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र है।
सोने का भी बड़ा भंडार
उज्बेकिस्तान की खासियत सिर्फ सस्ती जीवनशैली और पर्यटन तक सीमित नहीं है। यह देश सोने के प्रमुख उत्पादकों में भी शामिल है।
यहां मौजूद मुरुंताऊ (Muruntau) सोने की खदान दुनिया की सबसे बड़ी खुली खदानों में गिनी जाती है। देश में इसके अलावा भी कई खनन क्षेत्र हैं, जहां सोने का उत्पादन होता है।
सोने और अन्य प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता उज्बेकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
Silk Road का ऐतिहासिक खजाना
उज्बेकिस्तान का पर्यटन क्षेत्र उसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। समरकंद, बुखारा और खीवा जैसे शहर प्राचीन सिल्क रोड से जुड़े इतिहास के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं।
समरकंद की ऐतिहासिक इमारतें, बुखारा का पुराना शहर, मस्जिदें, मदरसे और पारंपरिक बाजार पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। वहीं राजधानी ताशकंद में आधुनिक शहर के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भी मेल देखने को मिलता है।
भारतीय पर्यटकों के लिए बन रहा पसंदीदा डेस्टिनेशन
उज्बेकिस्तान की ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक संसाधन और अपेक्षाकृत किफायती यात्रा लागत इसे भारतीय पर्यटकों के लिए आकर्षक बना रही है। भारत से उज्बेकिस्तान के लिए हवाई कनेक्टिविटी भी उपलब्ध है।
यही वजह है कि मध्य एशिया घूमने की योजना बनाने वाले यात्रियों की सूची में उज्बेकिस्तान तेजी से जगह बना रहा है।
नोट: किसी देश की मुद्रा का अंक बड़ा होने से वहां व्यक्ति ‘लखपति’ नहीं बन जाता। वास्तविक तुलना के लिए एक्सचेंज रेट के साथ स्थानीय वस्तुओं और सेवाओं की कीमत तथा क्रय शक्ति देखना जरूरी है।









