समाचार-गढ़ 6 सितम्बर, 2026|
FCRA Amendment Bill: विदेशी चंदे से जुड़े ‘विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक’ (FCRA Amendment Bill) की जांच के लिए संसद की 31 सदस्यीय संयुक्त समिति का गठन किया गया है। समिति में NDA के 19 सांसद शामिल होंगे, जबकि विपक्ष की ओर से भी सदस्यों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
तीन सप्ताह में समिति के पास भेजा गया बिल
फोटो में दी गई जानकारी के मुताबिक, विधेयक को पेश किए जाने के करीब तीन सप्ताह बाद इसे संसदीय समिति के पास भेजने का फैसला हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने समिति के 31 सदस्यों के नामों का ऐलान किया है। बीजेपी सांसद संजय जायसवाल को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
समिति को बिल के प्रावधानों की जांच कर अपनी रिपोर्ट संसद के सामने पेश करनी होगी।
समिति में NDA के 19 सांसद
संसदीय समिति में सत्ता पक्ष यानी NDA की संख्या 19 होगी। वहीं, विपक्षी दलों को भी समिति में प्रतिनिधित्व दिया गया है।
कांग्रेस ने अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों को समिति में शामिल करने का समर्थन किया है। DMK समेत कुछ विपक्षी दलों ने बिल के प्रावधानों की आलोचना की है और इसकी जांच के लिए समिति के पास भेजे जाने का समर्थन किया है।
विपक्ष ने NGO पर असर को लेकर उठाए सवाल
विपक्ष का आरोप है कि FCRA के प्रस्तावित प्रावधानों का NGO पर व्यापक असर पड़ सकता है। हालांकि, सरकार ने NGO पर इसके असर से जुड़ी आपत्तियों को खारिज किया है।
सरकार की ओर से आम सहमति बनाने के लिए विधेयक को विस्तृत जांच-पड़ताल के लिए संसदीय समिति के पास भेजने पर सहमति जताई गई है।
अब समिति करेगी बिल की समीक्षा
FCRA संशोधन विधेयक को समिति के पास भेजे जाने के बाद अब इसके प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा और समीक्षा होगी। समिति में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सांसद शामिल हैं। ऐसे में आने वाले समय में बिल के प्रावधानों को लेकर संसद में बहस और तेज होने की संभावना है।









