Nature Nature

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली घोषणापत्र पर बनी सहमति, किसी सदस्य ने नहीं जताई आपत्ति; PM मोदी ने किया ऐलान

Nature

समाचार-गढ़ 13 सितंबर, 2026।

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में चल रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों ने ‘नई दिल्ली घोषणापत्र 2026’ को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि घोषणापत्र को अपनाने पर किसी भी सदस्य देश ने आपत्ति नहीं जताई। कई अहम मुद्दों पर लंबी बातचीत के बाद BRICS देशों के बीच संयुक्त बयान को लेकर आम सहमति बनी।

कई घंटे चली बातचीत के बाद बनी सहमति

BRICS देशों के बीच संयुक्त बयान को लेकर शनिवार सुबह तक गहन बातचीत चली। चर्चा के दौरान कई संवेदनशील और विवादित मुद्दों पर अलग-अलग देशों के रुख सामने आए। इसके बावजूद भारत ने सदस्य देशों के बीच मतभेदों को दूर करने और साझा सहमति बनाने की दिशा में बातचीत जारी रखी।

अंततः सभी सदस्य देशों ने नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 को स्वीकार कर लिया। इसे BRICS के भीतर अलग-अलग राजनीतिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद आम सहमति कायम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई दिल्ली घोषणापत्र में किन मुद्दों पर जोर?

घोषणापत्र में वैश्विक स्तर पर चल रहे संघर्षों और विवादों को लेकर BRICS देशों ने कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं।

  • संघर्षों को रोकने के प्रयासों के साथ उनके मूल कारणों को दूर करने पर जोर दिया गया।
  • अंतरराष्ट्रीय विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए बातचीत, परामर्श और कूटनीति को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
  • वैश्विक मुद्दों पर अलग-अलग देशों के नजरिए और परिस्थितियों का सम्मान करने वाले बहुपक्षीय दृष्टिकोण की वकालत की गई।
  • एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों में बढ़ोतरी पर गंभीर चिंता जताई गई।
  • ऐसे व्यापारिक कदमों से बचने की बात कही गई, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित करते हैं और WTO के नियमों के अनुरूप नहीं हैं।

ईरान, सऊदी अरब और UAE की मौजूदगी ने बढ़ाई चुनौती

नई दिल्ली घोषणापत्र पर सहमति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि BRICS में ऐसे देश भी शामिल हैं, जिनके बीच कई क्षेत्रीय और भू-राजनीतिक मुद्दों पर अलग-अलग रुख रहे हैं।

खास तौर पर ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की मौजूदगी में पश्चिम एशिया से जुड़े मुद्दों पर साझा सहमति बनाना आसान नहीं था। क्षेत्र में जारी संघर्ष और बढ़ते तनाव के बीच इन देशों के अलग-अलग हितों को ध्यान में रखते हुए संयुक्त बयान तैयार करना एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती थी।

भारत के लिए भी अहम उपलब्धि

BRICS की अध्यक्षता कर रहे भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग विचार रखने वाले सदस्य देशों को एक साझा मंच पर लाना थी। लंबी बातचीत के बाद घोषणापत्र पर सहमति बनने से भारत की कूटनीतिक भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।

नई दिल्ली घोषणापत्र में संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान, बहुपक्षीय सहयोग और वैश्विक व्यापार से जुड़े मुद्दों पर साझा रुख सामने आया है। किसी भी सदस्य देश की आपत्ति के बिना घोषणापत्र को मंजूरी मिलना BRICS के लिए इस सम्मेलन की बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।

  • Related Posts

    यहां सड़क नहीं, पानी पर चलती है जिंदगी; जानें इस अनोखे शहर की पूरी कहानी

    समाचार-गढ़ 13 सितंबर, 2026। कल्पना कीजिए एक ऐसी बस्ती की, जहां घर जमीन पर नहीं बल्कि पानी के ऊपर लकड़ी के खंभों पर टिके हों। जहां सड़कें नहीं हैं और…

    सोशल मीडिया पर वायरल 80s का ट्रेंड बना खतरा! एक फोटो से ऐसे चोरी हो सकता है आपका निजी डेटा

    समाचार-गढ़ 13 सितंबर, 2026। नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों पुराने दौर के लुक और तस्वीरों को नए अंदाज में दोबारा तैयार करने का ट्रेंड तेजी से वायरल हो…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    यहां सड़क नहीं, पानी पर चलती है जिंदगी; जानें इस अनोखे शहर की पूरी कहानी

    यहां सड़क नहीं, पानी पर चलती है जिंदगी; जानें इस अनोखे शहर की पूरी कहानी

    BRICS Summit 2026: नई दिल्ली घोषणापत्र पर बनी सहमति, किसी सदस्य ने नहीं जताई आपत्ति; PM मोदी ने किया ऐलान

    BRICS Summit 2026: नई दिल्ली घोषणापत्र पर बनी सहमति, किसी सदस्य ने नहीं जताई आपत्ति; PM मोदी ने किया ऐलान

    सोशल मीडिया पर वायरल 80s का ट्रेंड बना खतरा! एक फोटो से ऐसे चोरी हो सकता है आपका निजी डेटा

    सोशल मीडिया पर वायरल 80s का ट्रेंड बना खतरा! एक फोटो से ऐसे चोरी हो सकता है आपका निजी डेटा

    Rajasthan Nikay Chunav 2026: प्रत्याशियों की ‘किलाबंदी’ पर उठे सवाल, लोकतंत्र में भरोसा इतना कमजोर क्यों?

    Rajasthan Nikay Chunav 2026: प्रत्याशियों की ‘किलाबंदी’ पर उठे सवाल, लोकतंत्र में भरोसा इतना कमजोर क्यों?

    BRICS Summit 2026: 7 साल बाद भारत पहुंचे शी जिनपिंग, मोदी से मुलाकात से पहले चीन का बड़ा संदेश- ‘मतभेद सुलझाएंगे, अच्छे पड़ोसी बनेंगे’

    BRICS Summit 2026: 7 साल बाद भारत पहुंचे शी जिनपिंग, मोदी से मुलाकात से पहले चीन का बड़ा संदेश- ‘मतभेद सुलझाएंगे, अच्छे पड़ोसी बनेंगे’

    BRICS Summit 2026: भारत की धरती से पुतिन का पश्चिम को दो टूक संदेश, यूक्रेन में सैनिक भेजे तो रूस से होगी जंग; G7 पर भी साधा निशाना

    BRICS Summit 2026: भारत की धरती से पुतिन का पश्चिम को दो टूक संदेश, यूक्रेन में सैनिक भेजे तो रूस से होगी जंग; G7 पर भी साधा निशाना
    Social Media Buttons
    error: Content is protected !!
    Verified by MonsterInsights