समाचार-गढ़ 12 सितंबर, 2026।
नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत में आयोजित BRICS सम्मेलन के दौरान यूरोपीय देशों और पश्चिमी देशों को लेकर बड़ा बयान दिया है। पुतिन ने साफ कहा कि अगर यूरोपीय देश यूक्रेन में अपने सैनिक भेजते हैं, तो रूस इसे सीधे युद्ध की शुरुआत मानेगा। इसके साथ ही BRICS Business Forum के लीडर्स सेशन में उन्होंने दावा किया कि BRICS आर्थिक ताकत के मामले में G7 से आगे निकल चुका है और दुनिया में शक्ति का संतुलन बदल रहा है।
पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध पांचवें साल में पहुंच चुका है और यूक्रेन में पश्चिमी देशों की संभावित सैन्य भागीदारी को लेकर चर्चा चल रही है। रूस के राष्ट्रपति ने कहा कि रूस का यूरोपीय देशों को धमकी देने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों की तैनाती को रूस अलग नजर से देखेगा।
‘यूक्रेन में सैनिक भेजना यानी रूस से युद्ध’
पुतिन ने कहा कि यूरोपीय देशों को रूस से किसी खतरे की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि रूस यूरोपीय देशों को धमकी नहीं दे रहा है और न ही ऐसा करने वाला है।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि रूस के पास यूरोप के साथ किसी संघर्ष का कोई आधार नहीं है। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी व्यवस्थाओं और सोवियत संघ के टूटने के बाद हुए समझौतों का भी जिक्र किया।
यूक्रेन में यूरोपीय सैनिक भेजने की चर्चा पर पुतिन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर यूरोपीय देश यूक्रेन की जमीन पर अपने सैनिक भेजते हैं, तो रूस इसे अपने साथ युद्ध के तौर पर देखेगा।
G7 पर भी पुतिन ने साधा निशाना
BRICS Business Forum के लीडर्स सेशन में पुतिन ने दुनिया में हो रहे आर्थिक और रणनीतिक बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और आर्थिक विकास के नए केंद्र उभर रहे हैं।
पुतिन के मुताबिक, पश्चिमी देशों के पास अभी भी मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक, वैज्ञानिक क्षमता और विकसित संस्थान हैं, लेकिन दुनिया हमेशा एक जैसी नहीं रहती और आर्थिक ताकत का संतुलन बदलता रहता है।
उन्होंने BRICS और G7 की तुलना करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में दुनिया की GDP में BRICS देशों की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक रही, जबकि G7 की हिस्सेदारी करीब 29 प्रतिशत रही। इसी दौरान वैश्विक आर्थिक वृद्धि में BRICS देशों का योगदान आधे से ज्यादा रहा, जबकि G7 का योगदान करीब 18 प्रतिशत रहा।
पुतिन ने इसकी वजह BRICS देशों की बड़ी आबादी और उनके मजबूत घरेलू बाजारों को बताया।
‘BRICS अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत’
पुतिन ने कहा कि दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी BRICS देशों में रहती है। यही वजह है कि इन देशों के पास बड़े और तेजी से बढ़ते घरेलू बाजार हैं।
BRICS के बढ़ते प्रभाव को लेकर उनका यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संबोधन के बाद आया, जिसमें पीएम मोदी ने भी समूह के विस्तार और उसकी बढ़ती आर्थिक ताकत का जिक्र किया था। पीएम मोदी ने कहा था कि BRICS चार देशों से बढ़कर अब 21 देशों का परिवार बन चुका है।
मोदी-पुतिन के बीच 45 मिनट हुई बैठक
BRICS सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच नई दिल्ली के भारत मंडपम में करीब 45 मिनट तक द्विपक्षीय बैठक हुई। पीएम मोदी ने पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें संत तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध रचना ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भी भेंट किया।
बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। बातचीत में राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और कौशल गतिशीलता जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर बात हुई।
बैठक के बाद पीएम मोदी और पुतिन एक ही कार में बैठकर औद्योगिक प्रदर्शनी स्थल तक भी गए।
रूस ने भारत को दिया अगले शिखर सम्मेलन का न्योता
बैठक के दौरान पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को 24वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया, जिसे पीएम मोदी ने स्वीकार कर लिया।
यह दोनों नेताओं की कुछ ही दिनों में दूसरी मुलाकात है। इससे पहले पीएम मोदी और पुतिन 31 अगस्त को बिश्केक में SCO सम्मेलन के दौरान मिले थे।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अहम बयान
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था। इसके बाद से कई यूरोपीय देश यूक्रेन को राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य समर्थन देते रहे हैं। वहीं अमेरिका की ओर से रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत कराने की कोशिशें भी जारी रही हैं।
ऐसे माहौल में भारत की धरती से पुतिन का यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों की संभावित तैनाती को लेकर दिया गया बयान काफी अहम माना जा रहा है। साथ ही BRICS को G7 से आगे बताकर उन्होंने वैश्विक आर्थिक शक्ति के बदलते समीकरणों पर भी अपना रुख स्पष्ट किया है।









