समाचार-गढ़ 17 सितंबर, 2026।
नई दिल्ली: उत्तर अरब सागर में 15 सितंबर 2026 की शाम भारत और पाकिस्तान के नौसैनिक जहाजों के बीच टक्कर हुई। भारतीय पक्ष के अनुसार, पाकिस्तान का PNS Hunain एक फ्रंटलाइन भारतीय युद्धपोत के करीब तेज गति से पहुंचा और असुरक्षित तरीके से मैन्युवरिंग करते हुए उससे टकरा गया। घटना में भारतीय युद्धपोत को कोई बड़ा ढांचागत नुकसान नहीं हुआ, जबकि पाकिस्तानी जहाज को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर पाकिस्तान के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत ने इसे अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर आचरण बताया तथा 1991 के भारत-पाकिस्तान समझौते के प्रावधानों का उल्लंघन बताया है।
PNS Hunain को कितना नुकसान हुआ?
रिपोर्टों के मुताबिक, टक्कर के बाद PNS Hunain के अगले हिस्से में बड़ा डेंट आया और जहाज को बंदरगाह लौटना पड़ा। दूसरी तरफ भारतीय युद्धपोत अपना ऑपरेशनल मिशन जारी रखने में सक्षम रहा। हालांकि, भारतीय सरकार ने सार्वजनिक रूप से भारतीय जहाज की सटीक पहचान की पुष्टि नहीं की है। कुछ रिपोर्टों में इसे INS Kolkata बताया गया है, लेकिन इसे आधिकारिक रूप से पुष्ट तथ्य नहीं कहा जा सकता।
PNS Hunain क्या है?
PNS Hunain पाकिस्तान नौसेना का Yarmook-class जहाज है। इसे रोमानिया के Galati स्थित Damen Shipyards में बनाया गया था। उपलब्ध तकनीकी जानकारी के मुताबिक, Yarmook-class जहाजों का इस्तेमाल समुद्री निगरानी, गश्त, सुरक्षा और विभिन्न समुद्री अभियानों के लिए किया जाता है। PNS Hunain को 2024 में पाकिस्तान नौसेना में शामिल किया गया था।
यह जहाज आकार और विस्थापन के मामले में भारत के बड़े फ्रंटलाइन डिस्ट्रॉयर से काफी छोटा है। रिपोर्टों में Yarmook-class का विस्थापन करीब 2,300 टन और लंबाई करीब 91 मीटर बताई गई है। इसकी अधिकतम गति करीब 22 नॉट बताई जाती है।
भारतीय फ्रंटलाइन युद्धपोत कितना बड़ा है?
भारतीय नौसेना के Kolkata-class guided-missile destroyers करीब 164 मीटर लंबे और लगभग 7,400 टन विस्थापन वाले बड़े युद्धपोत हैं। इनमें लंबी दूरी के सेंसर और विभिन्न प्रकार की मिसाइल तथा हथियार प्रणालियां मौजूद हैं।
हालांकि इस घटना में शामिल भारतीय जहाज की आधिकारिक पहचान सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई है, इसलिए PNS Hunain बनाम INS Kolkata की तकनीकी तुलना को घटना की आधिकारिक पुष्टि से अलग समझना जरूरी है।
टक्कर कैसे हुई?
भारत के अनुसार, PNS Hunain भारतीय नौसेना के नियमित निगरानी मिशन पर तैनात युद्धपोत के करीब तेज गति से आया और असुरक्षित तरीके से मैन्युवरिंग की, जिसके बाद दोनों जहाजों के बीच टक्कर हुई। भारतीय पक्ष ने कहा है कि घटना अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई थी।
वहीं पाकिस्तान ने घटना की अलग व्याख्या की है। पाकिस्तान का कहना है कि भारतीय जहाज ने उसके जहाज के पास कथित तौर पर उकसावे वाला मैन्युवर किया और उसने इस मामले में भारत के खिलाफ भी राजनयिक विरोध दर्ज कराया है।
इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि PNS Hunain ने जानबूझकर भारतीय जहाज को टक्कर मारी थी। घटना की परिस्थितियों को लेकर दोनों देशों के दावे अलग-अलग हैं।
बढ़ा भारत-पाकिस्तान के बीच राजनयिक तनाव
टक्कर के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक विरोध दर्ज कराया गया है। भारत ने पाकिस्तान के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब किया, जबकि पाकिस्तान ने भी भारतीय राजनयिक को बुलाकर विरोध जताया।
भारत ने 1991 के उस समझौते का भी हवाला दिया है, जिसमें दोनों देशों की सैन्य गतिविधियों और युद्धाभ्यास से जुड़ी पूर्व सूचना तथा समुद्री क्षेत्र में सावधानी बरतने के प्रावधान हैं।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि PNS Hunain और भारतीय नौसेना के एक फ्रंटलाइन युद्धपोत के बीच टक्कर हुई, भारतीय जहाज को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और घटना के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ा है। लेकिन टक्कर के पीछे जानबूझकर की गई कार्रवाई थी या समुद्री मैन्युवरिंग के दौरान हुई दुर्घटना—इस पर अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं है।









