समाचार-गढ़ 18 सितंबर, 2026।
Bikaner Nagar Nigam: बीकानेर निकाय चुनाव के बाद नगर निगम की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 80 वार्डों वाली नगर निगम में कांग्रेस ने 42 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जबकि भाजपा के खाते में 27 सीटें आई हैं। इसी बीच नामांकन वापसी के आखिरी दिन कांग्रेस के बागी नेता नवरत्न डागा ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना पर्चा वापस ले लिया। इसके बाद कांग्रेस के लिए मेयर चुनाव की राह और आसान हो गई है।
भाजपा के लिए यह नतीजा इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि गंगाशहर जैसे उसके मजबूत माने जाने वाले इलाके में पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ है। गंगाशहर के 16 वार्डों में भाजपा सिर्फ 2 सीटों पर जीत दर्ज कर पाई।
नवरत्न डागा के हटने से कांग्रेस को राहत
बीकानेर मेयर चुनाव में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के ही बागी नेता नवरत्न डागा के रूप में सामने आई थी। डागा ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया था। इसके बाद माना जा रहा था कि उनकी मौजूदगी कांग्रेस के मेयर चुनाव के समीकरण को प्रभावित कर सकती है।
हालांकि, नामांकन वापसी के अंतिम दिन नवरत्न डागा ने अपना पर्चा वापस ले लिया। उनके इस फैसले के बाद कांग्रेस खेमे में राहत की स्थिति है और पार्टी के लिए अपना मेयर बनाने का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है।
80 वार्डों में कांग्रेस का बहुमत
बीकानेर नगर निगम में कुल 80 वार्ड हैं। निकाय चुनाव के नतीजों में कांग्रेस ने 42 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। वहीं भाजपा को 27 सीटें मिलीं। निर्दलीय उम्मीदवारों ने 10 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी यानी RLP को 1 सीट मिली।
इस तरह कांग्रेस के पास बोर्ड बनाने के लिए जरूरी संख्या मौजूद है। अब मेयर चुनाव में पार्टी अपने बहुमत के आधार पर महापौर पद हासिल करने की तैयारी में है।
विधानसभा चुनाव के बाद बदला बीकानेर का माहौल
बीकानेर की मौजूदा सियासी तस्वीर को विधानसभा चुनाव के नतीजों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। विधानसभा चुनाव 2023-24 में भाजपा के जेठानन्द व्यास ने बीकानेर पश्चिम सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉ. बुलाकीदास कल्ला को 20 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया था।
लेकिन करीब ढाई साल बाद हुए निकाय चुनाव में तस्वीर काफी अलग नजर आई। बीकानेर पश्चिम के 39 वार्डों में से 23 वार्डों में भाजपा प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा।
गंगाशहर में भाजपा को बड़ा झटका
गंगाशहर को लंबे समय से भाजपा के मजबूत इलाकों में गिना जाता रहा है। यहां पूर्व महापौर नारायण चोपड़ा, पूर्व UIT अध्यक्ष महावीर रांका, शहर अध्यक्ष सुमन छाजेड़ और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल जैसे भाजपा के प्रमुख नेताओं का प्रभाव माना जाता है।
इसके बावजूद गंगाशहर के 16 वार्डों में भाजपा सिर्फ 2 वार्डों—वार्ड 3 और वार्ड 6 में ही जीत हासिल कर सकी। वार्ड 6 में, जो केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल का मतदाता वाला वार्ड बताया गया है, भाजपा प्रत्याशी ने महज 32 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
बड़े नेताओं के इलाकों में भी नहीं चला असर
निकाय चुनाव के नतीजों में भाजपा के कई बड़े नेताओं के प्रभाव वाले इलाकों में पार्टी को नुकसान हुआ। पार्टी महामंत्री मोहन सुराणा अपनी पत्नी को भी चुनाव नहीं जिता पाए। वहीं शहर भाजपा अध्यक्ष सुमन छाजेड़ की करीबी प्रत्याशी को भी हार का सामना करना पड़ा।
80 वार्डों के नतीजों में कांग्रेस 42, भाजपा 27, निर्दलीय 10 और RLP 1 सीट पर रही। इन आंकड़ों ने बीकानेर नगर निगम का पूरा सियासी गणित बदल दिया है।
21 सितंबर को होगा मेयर का चुनाव
बीकानेर नगर निगम में महापौर चुनाव 21 सितंबर को होना है। चुनाव को लेकर निगम स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। निगम मुख्यालय में महापौर के मुख्य कक्ष की सफाई और सजावट का काम भी शुरू कर दिया गया है।
वहीं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई ने चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के कारणों की समीक्षा की बात कही है। दूसरी तरफ कांग्रेस अपने बहुमत के साथ नए मेयर के चुनाव की तैयारी में जुटी है।
बीकानेर में नवरत्न डागा के नामांकन वापस लेने के बाद अब मेयर चुनाव का मुकाबला किस तरह आगे बढ़ता है, इस पर सभी की नजर है।








