समाचार-गढ़ 19 सितंबर, 2026।
राजस्थान में नगर निकायों के महापौर, सभापति और अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले पार्षदों की बाड़ेबंदी और उन्हें अपने पक्ष में बनाए रखने की कोशिशों को लेकर सियासी विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर पुलिस और प्रशासन के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने चेतावनी दी है कि यदि इस तरह की गतिविधियां नहीं रुकीं और इस दौरान कोई गंभीर घटना हुई तो इसकी जिम्मेदारी सरकार और पुलिस की होगी।
कांग्रेस की ओर से गुरुवार को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पुलिस अधीक्षकों को ज्ञापन भी दिए गए। पार्टी ने बीकानेर, भरतपुर, बानसूर, फतहनगर, उदयपुर, अलवर, कुचेरा, डेगाना और देवली-उनियारा समेत कई जगहों पर पार्षदों पर दबाव बनाए जाने के आरोप लगाए हैं।
डोटासरा बोले- कोई गंभीर घटना हुई तो जिम्मेदारी सरकार की
सीकर में पालिका चेयरमैन चुनाव को लेकर पार्षदों की बाड़ेबंदी के मुद्दे पर डोटासरा ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल पार्षदों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
डोटासरा ने कहा कि यदि इस माहौल में कोई मर्डर या खून-खराबा हुआ तो इसकी जिम्मेदारी राजस्थान सरकार और पुलिस की होगी। उन्होंने डीजीपी से भी कथित पुलिस हस्तक्षेप को रोकने की अपील की।
हालांकि, ये डोटासरा और कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से अलग-अलग मामलों में कानूनी कार्रवाई और जांच की बात सामने आई है।
बीकानेर में होटल में ठहरे कांग्रेस पार्षद
बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस के पार्षदों को जैसलमेर के एक होटल में ठहराए जाने का मामला भी चर्चा में है। कांग्रेस का आरोप है कि गुरुवार सुबह कुछ सीआईडी कर्मी होटल पहुंचे और पार्षदों की संख्या की जानकारी ली।
इसी बीच कांग्रेस के बागी नवरतन डागा ने महापौर पद के लिए अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद बीकानेर में महापौर पद के लिए कांग्रेस के अनिल कल्ला और भाजपा के सुरेंद्र सिंह शेखावत के बीच मुकाबला रह गया है।
भरतपुर में नामांकन वापसी पर कांग्रेस के सवाल
भरतपुर नगर निगम में निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह के नामांकन वापस लेने के बाद भाजपा प्रत्याशी अनुराधा सिंह के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया। नामांकन वापसी 18 सितंबर को हुई।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नामांकन वापसी से पहले विचित्रा सिंह के पति और पूर्व मेयर शिव सिंह भोंट से जुड़े होटल में भरतपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारी पहुंचे थे। कांग्रेस का दावा है कि इसके बाद दबाव बनाया गया और अगले दिन गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म की मौजूदगी में नामांकन वापस कराया गया।
वहीं, बेढ़म ने इन आरोपों को खारिज करते हुए नाम वापसी को विकास से जुड़ा फैसला बताया है।
बानसूर और फतहनगर में भी दबाव के आरोप
कांग्रेस ने बानसूर में अपने कैंप में पुलिस की बार-बार मौजूदगी का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि इससे पार्षदों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
फतहनगर में कांग्रेस ने निर्दलीय चेयरमैन प्रत्याशी ममता चपलोत के घर अवैध निर्माण को लेकर नोटिस दिए जाने को भी दबाव की कार्रवाई बताया है। पार्टी ने उदयपुर, अलवर, कुचेरा, डेगाना और देवली-उनियारा समेत अन्य निकायों में भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपने-अपने पार्षदों को अलग-अलग स्थानों पर ठहराया है। कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन के जरिए उसके पार्षदों पर दबाव बनाया जा रहा है, जबकि कुछ मामलों में पुलिस की ओर से कार्रवाई को कानूनी प्रक्रिया बताया गया है।
21 सितंबर को होंगे महापौर-सभापति के चुनाव
निकाय चुनाव के परिणाम आने के बाद अब कई नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में महापौर, सभापति और अध्यक्ष पद के चुनाव होने हैं। इसी वजह से पार्षदों की बाड़ेबंदी और राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं।
अब विवाद का केंद्र यह है कि पार्षदों पर दबाव बनाने के कांग्रेस के आरोपों की जांच किस तरह होती है और चुनाव प्रक्रिया के दौरान पुलिस-प्रशासन की भूमिका को लेकर उठे सवालों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।








