समाचार-गढ़ 20 सितंबर, 2026।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में ड्रोन हमलों ने एक बार फिर बड़ा रूप ले लिया है। रूस के अधिकारियों के मुताबिक, यूक्रेन ने रातभर में रूस के अलग-अलग हिस्सों को निशाना बनाते हुए 1,000 से ज्यादा ड्रोन भेजे। इनमें करीब 450 ड्रोन मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने इसे राजधानी पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला बताया है।
हमले में मॉस्को की तेल रिफाइनरी और एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के अनुसार, हमले में दो लोगों की मौत और 20 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 74 वर्षीय एक व्यक्ति और 44 वर्षीय महिला शामिल हैं।
रूस ने 1,100 ड्रोन गिराने का किया दावा
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने देशभर में 1,100 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। मंत्रालय के मुताबिक, इनमें रूस के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा क्रीमिया और काला सागर के ऊपर उड़ रहे ड्रोन भी शामिल थे।
वहीं, मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने कहा कि 450 ड्रोन राजधानी की ओर बढ़ रहे थे, जिन्हें रूसी सेना ने नष्ट कर दिया। इसके बावजूद कुछ ड्रोन मॉस्को ऑयल रिफाइनरी परिसर तक पहुंच गए और एक ड्रोन से एक रिहायशी इमारत को भी नुकसान पहुंचा।
मॉस्को में हमले के बाद तेल रिफाइनरी के आसपास धुएं के गुबार देखे गए। रॉयटर्स के प्रत्यक्षदर्शियों ने भी विस्फोटों की आवाज सुनने और रिफाइनरी क्षेत्र से धुआं उठते देखने की जानकारी दी।
2 लोगों की मौत, 20 घायल
मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के अनुसार, ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हुई और 20 लोग घायल हुए। रामेंस्कोये जिले में एक 21 मंजिला रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचने के बाद करीब 400 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें लगभग 70 बच्चे भी शामिल थे।
रूस के अधिकारियों के मुताबिक, कई घरों और अन्य नागरिक ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, युद्ध की परिस्थितियों के कारण घटनास्थल से सामने आ रही सभी जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि करना मुश्किल है।
जेलेंस्की बोले- तेल और लॉजिस्टिक्स से जुड़े ठिकाने निशाने पर
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि हमले में ड्रोन के साथ यूक्रेन में विकसित Flamingo और Pelican मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया गया।
जेलेंस्की के मुताबिक, हमलों का निशाना मुख्य रूप से तेल और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाएं थीं। उनका कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य रूस की युद्ध क्षमता को आर्थिक नुकसान पहुंचाना है।
हालांकि, मॉस्को पर हुए ताजा हमले को लेकर यूक्रेन की ओर से तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
चुनाव के आखिरी दिन मॉस्को पर हमला
यह हमला ऐसे समय हुआ जब रूस में संसदीय चुनाव का तीसरा और अंतिम दिन चल रहा था। मॉस्को के मेयर सोबयानिन ने आरोप लगाया कि हमले का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालना था। उन्होंने दावा किया कि रूस ने हमले को नाकाम कर दिया और मतदान प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई।
रूस का यह संसदीय चुनाव 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू होने के बाद पहला युद्धकालीन संसदीय चुनाव है। इस चुनाव में स्टेट ड्यूमा की 450 सीटों के लिए मतदान हो रहा है।
यूक्रेन के कब्जे वाले क्षेत्रों में भी रूस ने कराया मतदान
रूस ने यूक्रेन के उन चार क्षेत्रों में भी मतदान कराया है, जिन्हें मॉस्को ने युद्ध के दौरान अपने क्षेत्र में शामिल करने का दावा किया है। इन इलाकों के सभी हिस्सों पर रूस का नियंत्रण नहीं है। इसके अलावा क्रीमिया में भी मतदान हुआ, जिसे रूस ने 2014 में अपने में मिला लिया था।
यूक्रेन इन क्षेत्रों में रूस द्वारा कराए जा रहे चुनाव को अवैध बताता है।
दोनों तरफ से बढ़ रहे ड्रोन हमले
रूस और यूक्रेन के बीच पिछले कुछ समय से ड्रोन के जरिए एक-दूसरे की ऊर्जा और सैन्य-संबंधी सुविधाओं को निशाना बनाने का सिलसिला तेज हुआ है। ताजा हमला इसी बढ़ते ड्रोन युद्ध का एक और बड़ा उदाहरण है।
मॉस्को पर हुए इस हमले की खास बात इसका पैमाना है। रूस के अधिकारियों के अनुसार, 1,600 से ज्यादा ड्रोन शनिवार से लेकर रविवार तक रोके गए, जिनमें 450 मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे। हालांकि अलग-अलग रूसी अधिकारियों द्वारा दिए गए आंकड़ों और घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि सीमित है।








