समाचार-गढ़ 20 सितंबर, 2026।
जयपुर नगर निगम चुनाव के नतीजे आने के बाद अब मेयर चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच किशनपोल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 109 से निर्दलीय जीतने वाले पार्षद मोहम्मद रईस खान को लेकर पिछले करीब 18 घंटे में घटनाक्रम तेजी से बदला है। कभी उनके बीजेपी के साथ जाने की तस्वीर सामने आई, तो कुछ घंटे बाद उन्होंने बीजेपी में शामिल होने से इनकार करते हुए खुद को कांग्रेस विचारधारा से जुड़ा बताया। इसके बाद शुक्रवार को वह फिर बीजेपी के दुपट्टे में नजर आए।
रात 8 बजे बीजेपी के साथ तस्वीर आई
घटनाक्रम की शुरुआत गुरुवार शाम करीब 8 बजे हुई। रईस खान की बीजेपी नेताओं के साथ तस्वीर सामने आई, जिसमें बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ उन्हें पार्टी का दुपट्टा पहनाते नजर आए।
बीजेपी नेता चंद्र मनोहर बटवाड़ा ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि वार्ड-109 के निर्दलीय पार्षद रईस खान ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। पोस्ट में वार्ड में लंबे समय बाद बीजेपी की जीत का भी जिक्र किया गया।
रात 3 बजे आया दूसरा मोड़
बीजेपी के साथ जाने की तस्वीर सामने आने के कुछ घंटे बाद ही रईस खान का एक वीडियो सामने आया। इसमें उन्होंने बीजेपी में शामिल होने से इनकार किया और खुद को कांग्रेस विचारधारा से जुड़ा बताया।
रईस खान के मुताबिक, बीजेपी की ओर से उन्हें पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव जरूर दिया गया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि वह कांग्रेस के साथ रहेंगे।
यानी रात में बीजेपी के साथ उनकी तस्वीर सामने आने के बाद कुछ ही घंटों में उन्होंने खुद को बीजेपी से अलग बताया।
शुक्रवार को फिर बदला घटनाक्रम
शुक्रवार को रईस खान का एक और वीडियो सामने आया, जिसमें वह दोबारा बीजेपी का दुपट्टा पहने नजर आए। इसी दौरान उन्होंने धमकी मिलने का आरोप भी लगाया।
इस तरह गुरुवार रात से शुक्रवार तक रईस खान को लेकर तीन अलग-अलग तस्वीरें सामने आईं—पहले बीजेपी के साथ, फिर कांग्रेस विचारधारा के साथ रहने का दावा और उसके बाद दोबारा बीजेपी के समर्थन में नजर आना।
रईस खान ने कांग्रेस उम्मीदवार को हराया था
रईस खान ने जयपुर नगर निगम के वार्ड 109 से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीता था। उपलब्ध चुनाव परिणामों के मुताबिक उन्हें 5,150 वोट मिले और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अय्यूब को 558 वोटों से हराया। अय्यूब को 4,592 वोट मिले थे।
रईस खान के सामने चुनाव मैदान में बीजेपी और कांग्रेस समेत कई उम्मीदवार थे। चुनाव परिणाम में उनकी जीत निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर दर्ज है।
आखिर क्यों बदल रहा है रुख?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि रईस खान का राजनीतिक रुख इतनी तेजी से क्यों बदल रहा है। बीजेपी की ओर से उनकी सदस्यता का दावा किया गया, जबकि रईस खान ने बाद में इससे इनकार किया। इसके बाद उनका फिर बीजेपी के दुपट्टे में नजर आना पूरे मामले को और चर्चा में ले आया है।
रईस खान की ओर से धमकी मिलने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, इस आरोप और घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आए हैं। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उनका अंतिम राजनीतिक रुख क्या होगा।
मेयर चुनाव से पहले निर्दलीय पार्षदों पर नजर
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के चुनाव में बीजेपी को 78, कांग्रेस को 57 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 15 सीटें मिली हैं। ऐसे में बोर्ड गठन और मेयर चुनाव से पहले पार्षदों की राजनीतिक स्थिति पर नजर बनी हुई है।
रईस खान का मामला इसी वजह से जयपुर की स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में वह किस राजनीतिक खेमे के साथ औपचारिक रूप से खड़े होते हैं।








