समाचार गढ़, 9 अक्टूबर 2026
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में बढ़ती हिंसक गतिविधियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चुनौती सामने आई है। पाकिस्तानी फ्रंटियर कॉर्प्स ने अपने रिटायर्ड कर्मचारियों को दोबारा सेवा में लौटने के लिए संपर्क करने को कहा है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब बलूचिस्तान में सक्रिय विद्रोही संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ हमले तेज करने का दावा कर रहा है।
CNN-News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रंटियर कॉर्प्स बलूचिस्तान (नॉर्थ) के इंस्पेक्टर जनरल कार्यालय की ओर से जारी सूचना में सेवानिवृत्त जवानों को अपनी पुरानी यूनिट में रिपोर्ट करने और दोबारा सेवा में आने के इच्छुक कर्मियों को 30 अक्टूबर तक अपने विंग कमांडरों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कई साल पहले रिटायर हुए कर्मियों को भी दोबारा सेवा में लेने पर विचार किया जा सकता है।
BLA के हमलों के बीच क्यों लिया गया फैसला?
बलूचिस्तान में लंबे समय से पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ विद्रोह चल रहा है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी समेत कई संगठन प्रांत की आजादी की मांग करते हैं और सुरक्षा बलों को निशाना बनाते रहे हैं।
रिटायर्ड जवानों को वापस बुलाने की पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब सुरक्षा बलों पर बढ़ते हमलों के बीच अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत महसूस की जा रही है। हालांकि, इस कदम से पाकिस्तान के पास सैनिकों की वास्तविक कमी कितनी है, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।
30 अक्टूबर तक पुरानी यूनिट में संपर्क करने को कहा
रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रंटियर कॉर्प्स के सेवानिवृत्त कर्मियों को दोबारा सेवा में लौटने के लिए अपनी पुरानी यूनिट और संबंधित विंग कमांडर से संपर्क करना होगा। यह प्रक्रिया दोबारा भर्ती के लिए है। कई साल पहले सेवानिवृत्त हुए जवानों पर भी विचार किया जा सकता है।
ड्यूटी पर लौटने वाले कर्मियों को उनकी पहले पूरी की गई सेवा के आधार पर वेतन देने की योजना बताई गई है। हालांकि, कितने रिटायर्ड जवानों ने वापसी के लिए सहमति दी है और उन्हें किन इलाकों में तैनात किया जाएगा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
BLA ने सितंबर में 94 हमलों का दावा किया
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने दावा किया है कि उसने सितंबर महीने में प्रांत में 94 सशस्त्र हमले किए। संगठन के मुताबिक, इन हमलों में 105 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए और 52 घायल हुए।
BLA ने यह भी दावा किया कि सितंबर में 25 स्थानों पर छापेमारी और नाकेबंदी की गई। संगठन के अनुसार, इन कार्रवाइयों में 37 लोग मारे गए, जिन्हें उसने पाकिस्तानी सेना के खुफिया एजेंट बताया। इसके अलावा, संगठन ने 21 पाकिस्तानी कर्मियों और कथित खुफिया एजेंटों को पकड़ने का दावा किया। BLA ने यह भी कहा कि सितंबर में उसके 33 लड़ाके मारे गए।
इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन्हें BLA के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
बलूचिस्तान में सुरक्षा चुनौती बनी हुई है
रिटायर्ड जवानों को दोबारा सेवा में लेने की पहल से संकेत मिलता है कि फ्रंटियर कॉर्प्स बलूचिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कर्मियों का विकल्प तलाश रहा है। दूसरी ओर, BLA के हमलों और उसके दावों ने प्रांत की सुरक्षा स्थिति को फिर चर्चा में ला दिया है।
अब यह देखना अहम होगा कि 30 अक्टूबर तक कितने पूर्व सैनिक दोबारा सेवा में लौटने के लिए संपर्क करते हैं और इस पहल से बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों की तैनाती पर क्या असर पड़ता है।








