समाचार गढ़ 15 सितम्बर 2026 राजस्थान। निकाय चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद अब प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी पंचायतीराज चुनाव में गांवों की राजनीति पर निकाय चुनाव के नतीजों का असर भी देखने को मिल सकता है। भाजपा और कांग्रेस के बीच निकाय चुनाव में वोटों का अंतर बेहद कम रहा है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में दोनों दलों के लिए यह चुनाव अहम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार पंचायतीराज चुनाव की घोषणा इसी माह होने की संभावना है। 17-18 सितम्बर को पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के लिए लॉटरी निकाली जा सकती है, जबकि 24 से 26 सितम्बर के बीच चुनाव कार्यक्रम जारी होने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
निकाय चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो भाजपा और कांग्रेस के वोट बैंक में करीब एक प्रतिशत का ही अंतर रहा। वहीं निर्दलीय प्रत्याशियों को करीब 27 प्रतिशत वोट मिले। ऐसे में पंचायतीराज चुनाव में भी मुकाबला कई स्थानों पर रोचक होने के आसार हैं। निकाय चुनाव के मुकाबले पंचायतीराज चुनाव का दायरा करीब तीन गुना बड़ा माना जा रहा है।
निकाय चुनाव में सवा करोड़ से अधिक मतदाता सूचीबद्ध थे, जबकि पंचायतीराज चुनाव में करीब सवा चार करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। प्रदेश की 41 जिला परिषदों में 1,403 जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे। वहीं 477 पंचायत समितियों में प्रधान के साथ 8,245 पंचायत समिति सदस्य चुने जाएंगे।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत स्तर पर 14,403 सरपंच और 1,26,853 वार्ड पंचों का चुनाव होगा। बड़ी संख्या में पदों के लिए होने वाले इस चुनाव को लेकर गांवों में राजनीतिक हलचल बढ़ने लगी है। निकाय चुनाव में सामने आए समीकरणों के बाद अब राजनीतिक दल और संभावित प्रत्याशी ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी जमीन मजबूत करने की तैयारियों में जुट सकते हैं।









