उपखंड स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश
अनुशासन, देशभक्ति और प्रतिभा सम्मान के साथ भव्य आयोजन
श्रीडूंगरगढ़, 26 जनवरी 2026।
रूपादेवी राउमावि के खेल मैदान में आयोजित उपखंड स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह केवल परंपरागत उत्सव नहीं रहा, बल्कि यह युवाओं के लिए संदेश, संकल्प और प्रेरणा का मंच बना। विधायक ताराचंद सारस्वत व उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा ने तिरंगा फहराकर मार्चपास्ट की सलामी ली, वहीं कार्यक्रम के केंद्र में नशा मुक्त समाज और जिम्मेदार युवा का संदेश रहा।
नशा युवाओं का भविष्य निगल रहा है : विधायक सारस्वत
मुख्य अतिथि विधायक ताराचंद सारस्वत ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए युवाओं से नशे से दूरी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा नशा समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। नशा न केवल शारीरिक बल्कि सामाजिक, आर्थिक और मानसिक विनाश का कारण बन रहा है। युवाओं को जीवन का महत्व समझते हुए “नशे से दूरी है जरूरी” को अपनाना होगा।
मोबाइल का उपयोग कर्तव्यों की समझ के साथ करें : एसडीओ
उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा ने मोबाइल और एंड्रॉयड फोन के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मोबाइल आज एक शक्तिशाली उपकरण है, लेकिन इसका उपयोग संविधान में वर्णित अधिकारों व कर्तव्यों की मर्यादा में रहकर होना चाहिए। युवा पीढ़ी को असंवैधानिक व अनैतिक गतिविधियों से दूर रहना होगा।
अनुशासित मार्चपास्ट व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
समारोह में 176 विद्यार्थियों ने मार्चपास्ट में भाग लिया, जिसमें एक दर्जन से अधिक दल शामिल रहे। अनुशासन और तालमेल ने दर्शकों को प्रभावित किया। मार्चपास्ट में सेसोमूं प्रथम, एनसीसी भारती निकेतन द्वितीय व कन्हैयालाल सिखवाल राउमावि तृतीय स्थान पर रही।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में देशभक्ति का उत्साह साफ नजर आया। सीनियर वर्ग में राबाउमावि प्रथम, जबकि जूनियर वर्ग में कन्हैयालाल सिखवाल राउमावि ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। राज्य स्तरीय विजेता टीम द्वारा प्रस्तुत मलखंभ ने शारीरिक व मानसिक संतुलन का अद्भुत प्रदर्शन किया।
32 प्रतिभाओं का सम्मान, दिव्यांग कर्मचारी बने प्रेरणा
समारोह में 32 उत्कृष्ट प्रतिभाओं व कार्मिकों को सम्मानित किया गया।
विशेष आकर्षण रहे दिव्यांग (बधिर) कनिष्ठ सहायक अंकित जैन, जिन्हें उपखंड स्तरीय श्रेष्ठ कार्मिक सम्मान मिला। जन्म से बधिर होने के बावजूद अंकित जैन ने तकनीक, मेहनत और संकल्प के बल पर यह साबित किया कि मजबूत इच्छाशक्ति के आगे कोई बाधा बड़ी नहीं होती। उनका सम्मान समारोह की सबसे प्रेरक उपलब्धि रहा।











