समाचार गढ़ 21 फरवरी 2025 श्रीडूंगरगढ़। श्री गौ माता भंडारा गौशाला समिति द्वारा सनातन श्मशान भूमि में आयोजित गौ सेवार्थ शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। कथा में व्यासपीठ पर विराजमान भाई संतोष सागर जी ने नारद मुनि के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए भगवान विष्णु और नारद मुनि के मिलन का प्रसंग सुनाया।
भक्तों को संबोधित करते हुए संतोष सागर जी ने कहा कि नारद मुनि देवर्षि होने के बावजूद निरंतर भक्ति और तपस्या में लीन रहते थे। उन्होंने भगवान विष्णु के समर्पण का संदेश दिया और बताया कि किस प्रकार भक्ति और सेवा से भगवान को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने विष्णु और नारद के संवाद की रोचक व्याख्या करते हुए कहा कि सच्चे भक्त के लिए भक्ति ही सर्वोच्च मार्ग है।
हरिप्रसाद मोदी रहे मुख्य यजमान
आज की कथा के मुख्य यजमान हरिप्रसाद मोदी रहे, जिन्होंने विधिवत पूजन-अर्चन कर कथा का शुभारंभ किया। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति भावना में लीन होकर प्रवचन सुने।
श्रद्धालुओं ने लिया आध्यात्मिक लाभ
कथा के दौरान भजनों और श्लोकों की मधुर ध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर कथा का आनंद लिया और संतोष सागर जी के प्रवचनों से प्रेरणा प्राप्त की।
गौ सेवा और धर्म प्रचार के इस आयोजन को लेकर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि कथा के आगामी दिनों में भगवान शिव के विभिन्न प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया जाएगा। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पधारने और कथा का पुण्य लाभ लेने की अपील की।












