शहीद ऋषिराज सिंह के परिजन पहुंचे भानुदा, क्रैश स्थल पर किया नमन, श्रीडूंगरगढ़ में हुआ भावुक स्वागत
– शहीद सम्मान समिति ने किया अभिनंदन, भानुदा में स्मारक निर्माण की चर्चा तेज
समाचार गढ़, 27 जुलाई 2025, श्रीडूंगरगढ़। भारतीय वायुसेना के शहीद लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह के परिजन रविवार को जब श्रीडूंगरगढ़ पहुंचे, तो माहौल भावुक हो गया। 9 जुलाई को भानुदा गांव में जगुआर फाइटर प्लेन क्रैश में शहीद हुए 23 वर्षीय ऋषिराज सिंह के माता-पिता सहित परिवारजनों ने सबसे पहले क्रैश स्थल पर पहुंचकर गंगाजल छिड़का, पुष्प अर्पित किए और वहां की जली हुई मिट्टी अपने साथ पुण्य स्मृति स्वरूप लेकर गए। इस दौरान गांववासियों ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को नमन किया।
भानुदा में पूर्व सरपंच विजयपाल भुंवाल ने परिवार को 9 जुलाई की घटना और हादसे के वक्त पायलट द्वारा लिए गए वीर निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऋषिराज सिंह ने गांव के सैकड़ों लोगों की जान बचाने के लिए खुद का बलिदान दिया, यह गांव के प्रति उनका अतुलनीय उपकार है। भुंवाल ने जानकारी दी कि ग्रामीणों द्वारा क्रैश स्थल पर शहीद स्मृति स्थल निर्माण की योजना बनाई जा रही है।
इसके पश्चात शहीद परिवार श्रीडूंगरगढ़ पहुंचा, जहां हाईवे स्थित गढ़ गोपाल रिसॉर्ट में शहीद सम्मान समिति द्वारा उनका अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में समिति से बजरंगलाल भामू, विमल भाटी, सत्यनारायण स्वामी, एडवोकेट रणवीरसिंह खीची, कुम्भाराम घिंटाला, जतनसिंह राजपुरोहित, शंकरलाल भुंवाल, विशाल स्वामी आदि मौजूद रहे।
समिति सदस्यों ने शहीद के पिता जसवंत सिंह देवड़ा, माता भंवर कंवर, छोटे भाई युवराज सिंह देवड़ा, चचेरी बहन मिनल देवड़ा, मामा शमनोहर सिंह राठौड़, मामी सुमन कंवर, ममेरी बहन जाह्नवी राठौड़ और ममेरा भाई हर्षवर्धन राठौड़ को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। वक्ताओं ने कहा कि शहीद ऋषिराज सिंह ने केवल एक गांव ही नहीं, बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाया है और उनका परिवार वास्तव में महादानी है, जिसने राष्ट्र को अपना रत्न समर्पित किया।
इस भावुक क्षण में शहीद के पिता ने कहा कि “देश पर बलिदान देने वाले बेटे सभी माता-पिता के साझा पुत्र होते हैं और इस गर्व को शब्दों में नहीं बांधा जा सकता।”
रामसरा में शहीद कैप्टन चंद्र चौधरी को भी दी श्रद्धांजलि
भानुदा से लौटते हुए शहीद ऋषिराज सिंह का परिवार श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के अमर शहीद कैप्टन चंद्र चौधरी के पैतृक गांव बिग्गाबास रामसरा भी पहुंचा, जहां उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शहीद ऋषिराज के पिता ने कहा कि “देश की रक्षा में जान देने वाले सभी बेटे इस धरती के अमूल्य रत्न हैं और हमें इन पर गर्व है।”














