समाचार गढ़ 7 नवंबर 2026।
Dhanteras 2026: धनतेरस के मौके पर देशभर के बाजारों में सोने-चांदी की खरीदारी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के मुताबिक, इस बार धनतेरस पर सोने-चांदी के गहनों और सिक्कों की बिक्री करीब 66 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। संगठन ने बिक्री की कुल वैल्यू में पिछले साल के मुकाबले लगभग 10 फीसदी बढ़ोतरी की बात कही है। हालांकि, बिक्री की रकम बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि लोगों ने पहले से ज्यादा मात्रा में सोना-चांदी खरीदा है।
कीमतें बढ़ीं, लेकिन सोने की खरीदारी का वजन घटा
सोने की ऊंची कीमतों के चलते ग्राहकों को कम वजन के गहनों के लिए भी पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। ज्वैलर्स का मानना है कि हाल में सोने की कीमतों में आई गिरावट से खरीदारी का माहौल बेहतर हुआ है। खासकर वे ग्राहक, जो कीमतें कम होने का इंतजार कर रहे थे, अब बाजार में लौट सकते हैं। हालांकि, मात्रा के लिहाज से बिक्री पिछले साल के आसपास या उससे कम रहने की आशंका है।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के आंकड़े भी इस बदलाव की पुष्टि करते हैं। जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान भारत में सोने के गहनों की मांग पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 20 फीसदी घटकर 99.9 टन रह गई। इसके बावजूद गहनों पर खर्च 16 फीसदी बढ़कर करीब 1 लाख 48 हजार 700 करोड़ रुपये पहुंच गया।
यानी लोगों ने वजन के हिसाब से कम सोना खरीदा, लेकिन ऊंची कीमतों के कारण उस पर ज्यादा रकम खर्च की। आंकड़े बताते हैं कि त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में सोने की मांग बनी हुई है, लेकिन ग्राहक अब अपने बजट के हिसाब से ज्यादा सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं।
चांदी के गहनों और नए डिजाइनों की भी बढ़ी दिलचस्पी
धनतेरस पर सोने के साथ चांदी खरीदने की भी पुरानी परंपरा है। हालांकि, इस बार चांदी की खरीदारी सिर्फ पूजा या शगुन तक सीमित नहीं दिख रही। ज्वैलर्स के मुताबिक, चांदी के गहनों और नए डिजाइन वाले उत्पादों में भी ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ रही है।
खासतौर पर युवा खरीदार ऐसे गहने पसंद कर रहे हैं, जिन्हें त्योहार के बाद भी रोजमर्रा में पहना जा सके। पेंडेंट, अंगूठियां, चेन और आधुनिक डिजाइन के गहने ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। बेंगलुरु के ज्वैलरी बाजार पर आई एक रिपोर्ट में भी सामने आया है कि ग्राहक पारंपरिक सोने के गहनों के साथ डायमंड और चांदी के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
हालांकि, चांदी की कीमतों में भी तेजी आई है। ऐसे में इसे हर हाल में सोने का सस्ता विकल्प मानना सही नहीं होगा। ग्राहक कीमत, वजन और डिजाइन के हिसाब से अपने बजट का फैसला कर रहे हैं।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बढ़ी सोने की खरीदारी
त्योहारी खरीदारी का तरीका भी बदल रहा है। अब सोना खरीदने के लिए सिर्फ ज्वैलरी शोरूम जाना जरूरी नहीं रह गया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सोने के सिक्कों और अन्य उत्पादों की खरीदारी बढ़ रही है।
स्विगी इंस्टामार्ट के मुताबिक, पिछले 12 महीनों में उसके प्लेटफॉर्म पर सोने की खरीदारी में 258 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। छोटे गोल्ड कॉइन जैसे उत्पादों की ऑनलाइन उपलब्धता से ग्राहकों को खरीदारी का एक नया विकल्प मिला है। हालांकि, किसी एक प्लेटफॉर्म की बिक्री में बढ़ोतरी को पूरे देश के गोल्ड मार्केट की बिक्री में समान बढ़ोतरी नहीं माना जा सकता।
निवेश के लिए सोना खरीद रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान
सोने की ऊंची कीमतों के बीच खरीदारी का एक बड़ा हिस्सा निवेश से भी जुड़ा है। कुछ लोग सोना गहनों के रूप में खरीदते हैं, जबकि कई ग्राहक इसे लंबे समय की बचत और निवेश का जरिया मानते हैं।
निवेश के लिए गोल्ड ईटीएफ जैसे विकल्प भी मौजूद हैं। इनमें फिजिकल गोल्ड की तरह मेकिंग चार्ज नहीं देना पड़ता, लेकिन बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम और फंड से जुड़े खर्च होते हैं।
वहीं, सोने के गहने या सिक्के खरीदने वालों के लिए शुद्धता, मेकिंग चार्ज और जीएसटी जैसी बातें महत्वपूर्ण हैं। दोबारा बेचने पर मिलने वाली कीमत भी खरीदारी के फैसले को प्रभावित करती है। इसलिए गहने, सोने के सिक्के और गोल्ड ईटीएफ को एक जैसा निवेश विकल्प नहीं समझना चाहिए। तीनों की लागत, इस्तेमाल और बिक्री की प्रक्रिया अलग-अलग होती है।








