अमेरिका-ईरान तनाव और तेल आपूर्ति की आशंका से बढ़े कच्चे तेल के दाम; दुनिया की 6 बड़ी ऑयल कंपनियों ने अप्रैल-जून तिमाही में कमाए रिकॉर्ड मुनाफे।
समाचार-गढ़ 5 अगस्त, 2026।
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव और मध्य पूर्व में संघर्ष के कारण वैश्विक तेल बाजार में जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिली। इसका सबसे बड़ा फायदा दुनिया की छह प्रमुख तेल कंपनियों को हुआ, जिन्होंने अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में करीब 81 अरब डॉलर (लगभग 7 लाख करोड़ रुपये) का संयुक्त मुनाफा दर्ज किया। यह राशि भारत के 2025-26 के रक्षा बजट से भी अधिक है।
तनाव के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका ने कच्चे तेल की कीमतों को तेजी से ऊपर पहुंचा दिया। ब्रेंट क्रूड की कीमतें करीब 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100–120 डॉलर तक पहुंच गईं। तेल महंगा होने से कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर भी दबाव बढ़ा।
सबसे ज्यादा मुनाफा सऊदी अरामको ने कमाया, जिसने करीब 33 अरब डॉलर की कमाई दर्ज की। इसके बाद एक्सॉनमोबिल ने लगभग 14.5 अरब डॉलर और शेवरॉन ने करीब 12 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया। शेल, टोटलएनर्जीज और बीपी जैसी यूरोपीय कंपनियों ने भी मजबूत वित्तीय नतीजे दर्ज किए।
तुलना करें तो भारत का 2025-26 का रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ रुपये था, जबकि इन छह कंपनियों ने सिर्फ तीन महीनों में उससे अधिक मुनाफा कमा लिया। हालांकि, 2026-27 के बजट में भारत ने रक्षा आवंटन बढ़ाकर करीब 7.85 लाख करोड़ रुपये कर दिया है।










