दिनांक 25 -10 -2022 के पंचांग के साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य राजगुरू पंडित रामदेव उपाध्याय के साथ
श्री गणेशाय नम:
तिथि वारं च नक्षत्रं
योगो करणमेव च ।
पंचागं श्रृणुते नित्यं
श्रीगंगा स्नानं फलं लभेत् ।।
शास्त्रों के अनुसार नित्य पंचांग के तिथि, वार, नक्षत्र ,योग ,करण आदि पांच अंगों को सुनने से गंगा स्नान के बराबर फल मिलता है अतः नित्य पंचांग अवश्य सुनना चाहिए।। *आज का पंचांग*
दिनांक- 25 /10/2022
श्री डूंगरगढ़
अक्षांश – 28:06
रेखांश – 74:04
पंचांग
विक्रम संवत् – 2079
शक संवत् – 1944
* ऋतु – हेमंत
* अयन- दक्षिणायण
* मास – कार्तिक
* पक्ष- कृष्ण
* तिथि- अमावस्या 16:14
* वार- मंगलवार
* नक्षत्र – चित्रा 14:12 उपरांत स्वाति
* योग- विष्कुंभ 12:26 उपरांत प्रीति
* करण- नाग 16:14 उपरांत किंस्तुघ्न
* चंद्र राशि – तुला
*चंद्र बल – मेष,वृषभ, मिथुन ,सिंह, कन्या, तुला, धनु, मकर ,कुंभ
सम्वत् नाम – शुभकृत
सूर्योदय – 06:42 A.M. सूर्यास्त – 05:53 P.M.
दिनमान – 11:11
रात्रिमान – 12:49 *शुभ समय* अभिजित मुहूर्त मध्याह्न -11:53:30 बजे से 12:41:30 तक
अशुभ समय
यमगण्ड – प्रातः 9:00 से 10:30 बजे तक राहुकाल- दोपहर 3:00 से 4:30 तक
*(विशेष- राहुकाल चक्र भारत के दक्षिण संभाग में ही मान्य है दक्षिण संभाग के लोगों को शुभ कार्यो में राहु काल के समय का त्याग करना चाहिए किंतु उत्तर भारत में राहुकाल का समय शुभ कार्यों में त्यागने की आवश्यकता नहीं है । ) **
कालवेला या अर्द्धयाम 1.दोपहर 01:41:22 से 03:05:15 बजे तक 2.रात्रि 07:29:07 से 09:05:15 बजे तक
दिशा शूल – उत्तर दिशा
चौघड़िया ( दिन)
1.रोग-प्रात: 06:42 से 08:05:52 तक
2. उद्वेग-प्रात: 08:05:52 से 09:29:45 तक (वारवेला निषेध)
3.चंचल-प्रात: 09:29:45 से 10:53:37 तक
4.लाभ-दोपहर 10:53:37 से 12:17:30 तक
5.अमृत-दोपहर 12:17:30 से 01:41:22 तक
6.काल-दोपहर 01:41:22 से 03:05:15 तक (कालवेला निषेध)
7.शुभ- सायं 03:05:15 से 04:29:07 तक
8.रोग-सायं 04:29:07 से 05:53 तक
चौघड़िया ( रात्रि)
1.काल- रात्रि 05:53 से 07:29:07 तक
2.लाभ-रात्रि 07:29:07 से 09:05:15 तक (कालवेला निषेध)
3.उद्वेग-रात्रि 09:05:15 से 10:41:22 तक
4.शुभ-रात्रि 10:41:22 से 12:17:30 तक
5.अमृत-रात्रि 12:17:30 से 01:53:37 तक
6.चंचल-रात्रि 01:53:37 से 03:29:45 तक
7.रोग-रात्रि 03:29:45 से 05:05:52 तक
8.काल-रात्रि 05:05:52 से 06:42 तक
विशेष
मंगलवार को खंडग्रास सूर्यग्रहण है इस ग्रहण का भारतीय समय अनुसार स्पर्श दिवा 4:31 बजे, ग्रहण मध्य दिवा 5:14 बजे एवं मोक्ष 05-57 बजे होगा। इसका सूतक भारतीय समय से प्रातः 4:31 बजे से प्रारंभ होगा। संपूर्ण भारत में जहां पर भी ग्रहण दृश्य होगा वहां पर ग्रस्ताग्रस्त सूर्य ग्रहण ही दृश्य होगा ।।
राजगुरु पंडित रामदेव उपाध्याय ( शास्त्री-आचार्य ,ज्योतिष विद्, बी.ए.)
भू.पू. सहायक आचार्य
श्री ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय
श्री डूंगरगढ़
M.N. 9829660721










