कैडर रिव्यू की मांग पर मंत्रालयिक कर्मचारी भड़के, श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
समाचार गढ़, श्रीडूंगरगढ़, 25 जुलाई 2025।
राजस्थान के पंचायती राज विभाग में तैनात मंत्रालयिक कर्मचारियों और ग्राम विकास अधिकारियों के बीच कार्य विभाजन और अधिकारों की खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। कैडर रिव्यू की लंबे समय से लंबित मांग पर सरकार की अनदेखी और विभागीय भेदभाव के खिलाफ शुक्रवार को प्रदेशभर के मंत्रालयिक कर्मचारी सड़क पर उतरते दिखे।
पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत श्रीडूंगरगढ़ इकाई ने भी आज विधायक ताराचंद सारस्वत से भेंट कर न्याय की गुहार लगाई और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
इकाई अध्यक्ष सोहनराम इंदलिया, महामंत्री गोविंद सहाय मीणा, उपाध्यक्ष लक्ष्मणराम नैण, राकेश कुमार मीणा, ओमप्रकाश, चैनाराम, जयप्रकाश महावर, भागीरथ खिलेरी, रूपसिंह सहित अन्य कर्मचारियों ने विधायक को बताया कि वित्त विभाग के नियमों के विपरीत पंचायती राज विभाग दो कैडर के कर्मचारियों के बीच भेदभाव कर रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि मुख्यमंत्री द्वारा बजट में की गई घोषणा के बावजूद विभागीय स्तर पर ग्राम विकास अधिकारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष की झूठी शिकायत के आधार पर कैडर रिव्यू की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि यह रोक राजनीतिक दबाव और संगठन विशेष के दबदबे के चलते की गई है, जो न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि मंत्रालयिक कर्मचारियों के अधिकारों का सीधा उल्लंघन भी है।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि पंचायतों में पारदर्शिता लाने के लिए भुगतान प्रक्रिया में सिंगल ओटीपी सिस्टम के स्थान पर मेकर, चेकर और अप्रूवर सिस्टम लागू किया जाए, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र उचित कार्यवाही नहीं की गई और संघ के प्रदेश पदाधिकारियों पर की जा रही दमनात्मक कार्रवाइयों को नहीं रोका गया, तो आंदोलन को और अधिक तेज और व्यापक किया जाएगा।











