समाचार-गढ़ 5 अक्टूबर, 2026।
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर सियासी तनाव फिर बढ़ गया है। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मारवत से इस्लामाबाद के लिए लॉन्ग मार्च शुरू कर दिया है। मार्च की अगुवाई खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी कर रहे हैं। यह काफिला करीब 275 किलोमीटर की दूरी तय कर राजधानी की ओर बढ़ रहा है।
लक्की मारवत में झड़प, पथराव के बाद फिर आगे बढ़ा मार्च
लक्की मारवत से आगे बढ़ने के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव की स्थिति बनी। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच पथराव हुआ, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। करीब एक घंटे बाद मार्च दोबारा आगे बढ़ा।
मार्च के मद्देनजर इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजधानी की ओर जाने वाले रास्तों पर कंटेनर लगाए गए हैं और प्रमुख मार्गों को बंद करने की तैयारी की गई है। सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पंजाब में गिरफ्तारी का दावा
मार्च शुरू होने से पहले पंजाब में PTI कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई। PTI का दावा है कि उसके करीब 2 हजार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, यह आंकड़ा पार्टी का दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
राजधानी में सुरक्षा बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में कंटेनर और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। इससे पहले सरकार ने इस्लामाबाद और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
सरकार और PTI के बीच दो दौर की बातचीत भी बेनतीजा
लॉन्ग मार्च से पहले सरकार और PTI के बीच दो दौर की बातचीत हुई, लेकिन दोनों पक्ष किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके। PTI की प्रमुख मांगों में इमरान खान से मुलाकात की अनुमति और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में इलाज के लिए भेजना शामिल है। वहीं, सरकार प्रदर्शन को वापस लेने की मांग कर रही थी। बातचीत विफल होने के बाद PTI ने मार्च आगे बढ़ाने का फैसला किया।
इमरान खान की मेडिकल स्थिति को लेकर भी पहले विवाद सामने आ चुका है। 18 अगस्त को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने का आदेश दिया था। हालांकि 20 अगस्त को उन्हें शिफा के बजाय सरकारी PIMS अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद वापस जेल भेज दिया गया। इस फैसले को लेकर PTI की ओर से अदालत में भी आपत्ति दर्ज कराई गई थी।
इमरान खान 2023 से जेल में
73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में हैं। उनके खिलाफ कई मामले और कानूनी कार्यवाही चलती रही हैं। उन्हें अलग-अलग मामलों में सजाएं भी सुनाई गई हैं, हालांकि बाद में कुछ मामलों में सजा निलंबित या फैसलों पर अपील की स्थिति बनी।
इमरान खान और उनकी पार्टी इन मामलों को राजनीतिक कार्रवाई बताते रहे हैं, जबकि पाकिस्तान की सरकार और संबंधित संस्थाएं आरोपों को खारिज करती रही हैं।
मार्च का अगला रास्ता क्या है?
PTI के तय कार्यक्रम के मुताबिक काफिला खैबर पख्तूनख्वा के अलग-अलग इलाकों से समर्थकों को साथ लेकर आगे बढ़ेगा। लक्की मारवत के बाद करक, कोहाट और फिर पेशावर की ओर बढ़ने की योजना है। PTI ने मार्च को आगे जारी रखने का ऐलान किया है।
उधर केंद्र सरकार ने राजधानी में प्रदर्शनकारियों को रोकने की तैयारी तेज कर दी है। इस्लामाबाद में कंटेनर लगाए गए हैं और रेंजर्स की तैनाती भी बढ़ाई गई है। सरकार की ओर से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला दिया जा रहा है, जबकि PTI इमरान खान की रिहाई और उनसे बेहतर चिकित्सा एवं मुलाकात की सुविधा की मांग पर कायम है।
लॉन्ग मार्च ऐसे समय शुरू हुआ है जब PTI और सरकार के बीच बातचीत विफल हो चुकी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह काफिला इस्लामाबाद तक पहुंचता है या उससे पहले ही सरकार इसे रोक देती है।








