समाचार-गढ़ 29 सितंबर, 2026।
जयपुर। राजस्थान में पंचायती राज चुनावों की हलचल के बीच राज्य सरकार ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। भारत सरकार के सहयोग से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 600 नए सब-सेन्टर स्थापित किए जाने की योजना है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को उनके आसपास ही प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने सोमवार को जयपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, मानव संसाधन के प्रबंधन, दवा एवं जांच सुविधाओं और मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर चर्चा की गई।
50 हजार नियुक्तियों के बाद अब तैनाती पर फोकस
स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में हाल ही में करीब 50 हजार पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। अब सरकार का फोकस इन डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य मेडिकल प्रोफेशनल्स की जरूरत के मुताबिक तैनाती पर है।
मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानव संसाधन का इस्तेमाल केवल स्वीकृत पदों के आधार पर नहीं, बल्कि संबंधित क्षेत्र की वास्तविक जरूरत, भौगोलिक स्थिति और मरीजों के भार को ध्यान में रखकर किया जाए।
हर 10 किलोमीटर के दायरे में स्वास्थ्य सुविधा का लक्ष्य
सरकार की योजना ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने की है। इसी के तहत 600 नए सब-सेन्टर स्थापित किए जाएंगे।
इसके अलावा ट्रोमा सेंटर, प्रसव सुविधा वाले स्वास्थ्य केंद्रों और दूरदराज के ग्रामीण अस्पतालों में जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती पर भी जोर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चिकित्सा संस्थानों की सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ आगामी तीन महीनों में सभी अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
क्या होता है सब-सेन्टर?
सब-सेन्टर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की शुरुआती और जमीनी इकाई होती है। यहां प्रशिक्षित ANM और स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।
इन केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की जांच, टीकाकरण, बच्चों के टीके और सामान्य बीमारियों से जुड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ऐसे में नए सब-सेन्टर खुलने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर जाने की जरूरत कम हो सकती है।
नए भवनों में जल्द शुरू होंगी सेवाएं
स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने भी विभागीय तैयारियों को लेकर निर्देश दिए हैं। आरयूएचएस के माध्यम से हजारों चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। वहीं, दिसंबर में होने वाली नई परीक्षाओं के जरिए स्वास्थ्य विभाग में मानव संसाधन को और मजबूत करने की बात कही गई है।
जिन स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन बनकर तैयार हो चुके हैं, वहां तत्काल प्रभाव से स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऐसे में सरकार का फोकस अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार के साथ उपलब्ध मानव संसाधन को जरूरत के अनुसार तैनात करने और तैयार स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं शुरू करने पर है।








