समाचार-गढ़ 1 अक्टूबर, 2026।
Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान में पंचायती राज चुनाव की घोषणा से पहले संभावित उम्मीदवारों के डेटा को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच सियासी तकरार शुरू हो गई है। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर सरकारी मशीनरी के जरिए संभावित उम्मीदवारों की जानकारी जुटाने का आरोप लगाया है। वहीं, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पार्टी को उम्मीदवारों की जानकारी जुटाने के लिए सरकारी तंत्र की जरूरत नहीं है।
टीकाराम जूली ने उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया पर एक पत्र का हवाला देते हुए सरकार पर सवाल उठाए। उनके मुताबिक अधिकारियों से जिला प्रमुख, प्रधान, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य के संभावित उम्मीदवारों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
जूली ने सवाल किया कि चुनाव से पहले संभावित उम्मीदवारों की ऐसी जानकारी किस उद्देश्य से मांगी जा रही है और क्या यह सरकारी काम का हिस्सा है। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठे अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाया और मामले में राज्य निर्वाचन आयोग से हस्तक्षेप की मांग की।
रिपोर्टों के मुताबिक, 28 सितंबर को जारी एक संचार में अधिकारियों से संभावित उम्मीदवारों की जानकारी एक एक्सेल शीट में जुटाने को कहा गया था। इसमें संबंधित पंचायत समिति, ग्राम पंचायत, वार्ड और आरक्षित श्रेणी के साथ-साथ व्यक्ति के काम और राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी के लिए अलग कॉलम होने की बात सामने आई है।
डोटासरा ने भी सरकार को घेरा
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा करते हुए आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव से पहले संभावित प्रत्याशियों का डेटा जुटाया जा रहा है।
डोटासरा ने निर्वाचन आयोग से मामले की जांच की मांग की और पूछा कि संभावित जिला प्रमुख, प्रधान, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की जानकारी किसने और किस उद्देश्य से मांगी है।
कांग्रेस नेताओं ने इस पूरी कवायद को सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल से जोड़ते हुए चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
मदन राठौड़ का पलटवार
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को संभावित उम्मीदवारों की सूची जुटाने के लिए सरकारी मशीनरी का सहारा लेने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि पार्टी का अपना संगठनात्मक नेटवर्क इस काम के लिए पर्याप्त है।
राठौड़ ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें भ्रम फैलाने की कोशिश बताया। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस की ओर से दिखाया गया पत्र इसी दावे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है तो वह फर्जी है।
पंचायत चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव की तैयारियां पहले से चल रही हैं और चुनाव कार्यक्रम की घोषणा को लेकर भी नजरें टिकी हुई हैं। ऐसे में संभावित उम्मीदवारों के डेटा को लेकर सामने आया विवाद अब BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस का नया मुद्दा बन गया है।
एक तरफ कांग्रेस इस जानकारी जुटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा इसे खारिज कर रही है। अब इस मामले में सरकारी स्तर पर कोई स्पष्टीकरण या निर्वाचन आयोग की ओर से कोई कार्रवाई सामने आती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।








