समाचार गढ़, 20 अगस्त 2025। पंचायती राज, निकाय एवं छात्रसंघ चुनाव नहीं करवा कर राज्य सरकार तानाशाही पर उतर आई है एवं इसके खिलाफ राजीव गांधी पंचायती राज संगठन द्वारा बुधवार को संगठन प्रदेशाध्यक्ष सीबी यादव के नेतृत्व में स्वराज मार्च निकाला। इसमें भाग लेने के लिए संगठन के बीकानेर देहात जिलाध्यक्ष हरिराम बाना की अगुवाई में जिले भर से सैंकड़ों कार्यकर्ता भी जयपुर पहुंचे। प्रदेश भर से राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के कार्यकर्ता पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय मुख्यालय पहुंचे एवं वहां स्वराज संवाद भी पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से किया। संवाद के दौरान कार्यकर्ता चरखा कातते नजर आए एवं संवाद में बीकानेर जिले की ओर से जिलाध्यक्ष हरिराम बाना ने भी पंचायती राज में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के योगदान याद करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा एवं हार के डर से सरकार द्वारा चुनाव नहीं करवाने की बात कही। इस प्रदर्शन में बाना के साथ क्षेत्र से संभाग प्रभारी विमल भाटी, जिला उपाध्यक्ष शिवराज गोदारा, भंवरलाल गोदारा, ओमप्रकाश जाखड़, बाबुलाल गोदारा, मनोज विश्नोई, रामनिवास विश्नोई, लतीफ खान, राजेन्द्र जांघू, राधेश्याम सिद्ध, देवनाथ सिद्ध, मुनीराम झोरड़, महेन्द्र कुकणा, गोपाल ज्याणी सहित जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों से कार्यकर्ता जयपुर पहुँचे।




डोटासरा-जूली ने किया रवाना, पुलिस ने रोका, बैठे सड़क पर, प्रतिनिधि मंडल मिला राज्यपाल से।
श्रीडूंगरगढ़। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर स्वराज संवाद के बाद राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के कार्यकर्ताओं के स्वराज मार्च को पीसीसी अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा एवं विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने रवाना किया। रैली में पीसीसी कार्यालय से राजभवन की ओर बढ़ रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा शहीद स्मारक पर ही बैरिकेटिंग कर रोक दिया गया। इस पर कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए एवं वहीं सड़क पर बैठ कर अपना विरोध जताया। बाद में पुलिस ने बड़ी मुश्किल से कार्यकर्ताओं की सांकेतिक गिरफ्तारी करते हुए बसों में भर कर सड़क से हटाया। इस दौरान संगठन के प्रतिनिधिमंडल को राजभवन बुलाया गया। जहां प्रदेशाध्यक्ष सीबी यादव की अगुवाई में गए प्रतिनिधिमंडल ने पंचायती राज चुनाव, निकाय चुनाव जल्द से जल्द करवाने सहित अन्य मांगों का ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा। इस दौरान इन मांगों पर प्रदेश भर में चलाए गए हस्ताक्षर अभियान में एकत्र किए गए हजारों हस्ताक्षर भी राज्यपाल को भेजे गए।











