समाचार गढ़। स्कॉटलैंड के शहर ग्लासगो में आज से 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स का आगाज़ हो रहा है। 2 अगस्त तक चलने वाले इस बहु-खेल आयोजन में 74 देशों के 3,000 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस बार 10 खेलों में 215 स्वर्ण पदकों सहित कुल 1,168 पदकों के लिए मुकाबले होंगे, जिनमें 47 पैरा-स्पोर्ट्स मेडल इवेंट भी शामिल हैं।
भारत की ओर से 125 खिलाड़ी आठ खेलों में चुनौती पेश करेंगे। भारतीय दल से इस बार भी शानदार प्रदर्शन और अधिक से अधिक पदक जीतने की उम्मीद है।
उद्घाटन समारोह में ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन भारतीय दल की संयुक्त ध्वजवाहक होंगी। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा ने दोनों खिलाड़ियों के नामों की घोषणा करते हुए इसे भारतीय खेलों और महिला खिलाड़ियों के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन करने के साथ युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेंगी।
कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में ब्रिटिश एम्पायर गेम्स के नाम से हुई थी। भारत ने पहली बार 1934 में इस प्रतियोगिता में भाग लिया था। यह खेल महाकुंभ हर चार वर्ष में आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य कॉमनवेल्थ देशों के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का मंच उपलब्ध कराना है।
हालांकि इस बार क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, शूटिंग, कुश्ती, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसे खेल प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं हैं। खास बात यह है कि भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में सबसे अधिक पदक शूटिंग में ही जीते हैं, लेकिन इस बार यह खेल शामिल नहीं होने से भारतीय दल के लिए चुनौती और बढ़ गई है।









