समाचार गढ़, श्रीडूंगरगढ़। बेहद गंभीर और संवेदनशील हालातों ने श्रीडूंगरगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर और आसपास के क्षेत्रों में खुलेआम घूम रहे आज़ाद गौवंश, डंपिंग यार्ड में फैला जहरीला कचरा और पॉलीथीन से हो रही लगातार मौतें अब केवल समस्या नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और पर्यावरण सुरक्षा के लिए एक बड़ी चेतावनी बन चुकी हैं। इसी पृष्ठभूमि में आज नागरिक विकास परिषद (NVP) भवन में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई, जहां विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने एक स्वर में गौवंशों की दुर्दशा और प्रशासनिक लापरवाही पर गहरा रोष व्यक्त किया। बैठक में आपणो गांव श्रीडूंगरगढ़ सेवा समिति, RSS, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, गोसेवा संघ सहित अनेक सेवाभावी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने इस मुद्दे को अब निर्णायक मोड़ तक ले जाने का संकल्प लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि गौवंश संरक्षण और पर्यावरण को हो रहे गंभीर नुकसान को लेकर न्यायालय में जनहित याचिका दायर की जाएगी, वहीं NGT और हाईकोर्ट में भी वाद प्रस्तुत किए जाएंगे। डंपिंग यार्ड में मृत गौवंशों का अनिवार्य पोस्टमार्टम करवाने को प्राथमिकता देते हुए यह स्पष्ट करने का निर्णय लिया गया कि इन मौतों के लिए जिम्मेदार कौन है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए श्रीडूंगरगढ़ से बीकानेर तक पैदल कूच की रणनीति बनाई गई, जिसमें कम से कम 5000 नागरिकों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया। साथ ही SDM द्वारा गठित मेडिकल वेस्ट कमेटी की सख्त निगरानी, डंपिंग यार्ड में हो रही अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक, चारदीवारी निर्माण, शहरी आज़ाद गौवंशों को शीघ्र गौशालाओं में स्थानांतरित करने, कचरा डंपिंग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व एजेंसियों पर कार्रवाई तथा पूरे मामले को लोकायुक्त में ले जाने का निर्णय लिया गया। समिति ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलनात्मक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे, और प्रशासन से अपील की कि वह संवेदनशीलता दिखाते हुए गौवंश संरक्षण व पर्यावरण रक्षा के लिए तत्काल कठोर निर्णय ले।












