शौर्य के प्रतीक महाराजा सूरजमल महान अजेय योद्धा थे – सुशील सेरडिया
समाचार गढ़, श्रीडूंगरगढ़। महर्षि दयानंद सरस्वती छात्रावास में गुरुवार को महाराजा सूरजमल के 262 वें बलिदान दिवस पर श्रंद्धाजलि सभा का आयोजन रखा गया । दो मिनट का मौन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर अजेय वीर योद्धा महाराजा सूरजमल को श्रंद्धाजलि दी गयी । कर्मचारी नेता सुशील सेरडिया ने कहा कि शौर्य के प्रतीक महाराजा सूरजमल एक महान अजेय योद्धा थे, उनमें वीरता, धीरता, उदारता, दूरदर्शिता का संगम सुशोभित था । समावेशी सोच को आत्मसात करने वाली भारतीयता के सच्चे प्रतीक थे । मुकेश गोदारा ने कहा कि महाराजा सूरजमल ने जनकल्याणकारी सोच के साथ मजबूत रियासत की नींव रखी । वे हम सबके आदर्श थे । कार्यक्रम में रामकिशन सारण, रामनिवास हरडु, श्रवण बाना, कन्हैयालाल गोदारा, रतनाराम गोदारा, महेंद्र गोदारा, मदनलाल, सुशील पूनियां, दशरथ जाखड़, रामस्वरूप सहू, राजेन्द्र, मनोज चोटिया, मंजीत महिया, किशनलाल, राजूराम जाखड़, रामस्वरूप सिहाग, हड़मानाराम ज्याणी, लालचंद सहू, रामकिशन, सुमित गोदारा, विनोद कुमार सहू, कैलाश आदि उपस्थित रहे। एम डी एस छात्रावास वार्डन दयानन्द बेनीवाल ने सभी का आभार प्रकट किया।












