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देर तक यूरिन रोकने की गलती सेहत पर पड़ती है भारी, UTI और किडनी स्टोन का बढ़ता है खतरा

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यूरिनेशन एक नेचुरल प्रोसेस है, जिसके जरिए अक्सर हमारे शरीर में मौजूद वेस्ट प्रोडक्ट्स को बाहर निकालने में मदद मिलती है। यह हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी भी है, क्योंकि यह टॉक्सिन्स को बाहर करने का एक तरीका होता है। हालांकि, कई बार कुछ वजहों से यूरिन को कंट्रोल करना पड़ता है। लंबी मीटिंग, लॉन्ग ड्राइव या अन्य कई वजहों से कई बार यूरिन रोकना पड़ता (Holding Pee Effects) है, लेकिन यह छोटी-सी आदत अक्सर कई स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकती है।
लंबे समय तक यूरिन रोकने से दर्दनाक किडनी स्टोन (Kidney Stone Prevention Tips) से लेकर बार-बार होने वाले संक्रमण और आपके यूरिनरी सिस्टम को नुकसान जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं।

किडनी स्टोन

आमतौर पर एक व्यक्ति दिन में 6 से 8 बार यूरिन करता है, जिसके जरिए शरीर से कैल्शियम और ऑक्सालेट जैसे मिनरल्स को बाहर निकालने में मदद मिलती है। ये मिनरल्स ही किडनी स्टोन का कारण बन सकते हैं। ऐसे में जब आप लंबे समय तक पेशाब रोकते हैं, तो इससे ये मिनरल्स धीरे-धीरे दर्दनाक किडनी स्टोन में बदल सकते हैं।

यूरिन इन्फेक्शन

यूरिन न सिर्फ शरीर के वेस्ट प्रोडक्ट्स बाहर निकलाने में मदद करता है, बल्कि यह यूरीनरी ट्रैक्ट के जरिए बैक्टीरिया बाहर निकालने में भी मदद करता है। ऐसे में जब आप यूरिन रोकते हैं, तो इससे बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं, जिससे इन्फेक्शन (Holding Urine Causes UTI) हो सकता है। खासकर डायबिटीज से पीड़ित लोग, महिलाएं और न्यूरोलॉजिकल कंडीशन वाले लोगों में इसका खतरा ज्यादा रहता है।

ब्लैडर फंक्शनिंग को नुकसान

ब्लैडर एक मांसपेशी है, जो यूरिन रोकने के लिए फैलती है और उसे बाहर निकालते समय सिकुड़ती है। ऐसे में अगर आप अक्सर यूरिन होल्ड करते हैं, तो इससे आपका ब्लैडर बहुत ज्यादा खिंच सकता है, जिससे उसकी फंक्शनिंग खराब हो सकती है। क्रोनिक ओवरस्ट्रेचिंग ब्लैडर की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचा सकती है, जो किडनी के फंक्शन को भी प्रभावित करती हैं।

किडनी पर दबाव

अगर आप लंबे समय तक यूरिन रोकते हैं, तो इससे आपकी किडनी पर दबाव पड़ सकता है। किडनी का हेल्दी रहना बहुत जरूरी है, क्योंकि यह खून से टॉक्सिन्स फिल्टर करने का काम करती है। जब ब्लैडर से ज्यादा भर जाता है और ठीक से खाली नहीं किया जाता है, जो यह लौटकर किडनी में वापस आ सकता है, जिससे एक्सट्रा तनाव और डैमेज हो सकता है।

अन्य बुरे प्रभाव

यूरिन को रोकने से पायलोनेफ्राइटिस नाम की कंडीशन हो सकती है। यह एक इन्फेक्शन है, जिसका जल्द इलाज न करने पर किडनी को लंबे समय के लिए नुकसान हो सकता है। यह कंडीशन तब बनती है, जब ब्लैडर पूरी तरह से खाली नहीं हो पाता है और ब्लैडर से बैक्टीरिया किडनी तक पहुंच जाते हैं।

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