समाचार गढ़, श्रीडूंगरगढ़ 4 मई 2025। पश्चिमी विक्षोभ ने श्रीडूंगरगढ़ अंचल को तरबतर कर दिया है।मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार लगातार दूसरे दिन अंचल में मेघों ने जमकर मल्हार गया ।श्री डूंगरगढ़ क्षेत्र के प्रायः सभी गांवों में झमाझम बारिश ने किसानों के माथे पर खुशियां लौटा दी है।किसानों ने बताया कि अगेती मूंगफली की फसल में यह बरसात किसी संजीवनी से कम साबित नहीं होगी।साथ ही जो किसान मूंगफली का बिजान कर रहे हैं उनके लिए भी यह बरसात रामबाण साबित होगी।वहीं बारानी खेती करने वाले किसानों ने भी बाजरे का बिजान शुरू कर दिया है।जेठ माह में सावन भादो जैसी झड़ी दिखाई दे रही है।बरसात होने के साथ ही खेतों में लोक गीतों की स्वर लहरिया सुनाई देने लगी है।खेतों में रौनक लौट आई है।किसान खेतों में लाग्यो लाग्यो जेठ आषाढ़ कंवर तेजा रे जैसे धार्मिक भजनों पर सुर में सुर मिलाते हुए खेतों की साफ सफाई सहित बिजान में जुट गए हैं। सातलेरा गांव के बुजुर्ग किसान मालाराम तावनियां ने बताया कि मोभी बेटा एवं ज्येष्ठ का बाजरा भाग वालो को ही मिलता है।अर्थात ज्येष्ठ में अच्छी बरसात कभी कभी होती है।तावनियां ने बताया कि बाजरे का बिजान करने का अब सर्वश्रेष्ठ समय है।
दूसरी ओर अच्छी बरसात के चलते तापमान में भी काफी गिरावट दर्ज की गई है।लोगों ने जमकर बरसात का लुफ्त उठाते हुए मौसम का आनंद लिया।
लगातार दूसरे दिन अंचल में हुई जोरदार बरसात से गांवों सहित कस्बे के निचले इलाकों में पानी भर गया।तेज तूफानी बरसात से गलियों में पानी की चादर चलती हुई दिखाई दी।श्री डूंगरगढ़ के सातलेरा गांव में ताबड़तोड़ बरसात से बिग्गाजी मंदिर से पुराने बस स्टैंड के तरफ जाने वाले रास्ते पर तीन से चार फिट तक पानी भरने से आवागमन बंद हो गया है।पानी आसपास के घरों में घुस आया।ग्रामीण राजूराम जाखड़ ने बताया कि गली में दो से तीन फिट तक पानी भर गया है।इसी प्रकार हरिराम जी मंदिर से गौ शाला की तरफ जाने वाले रास्ते पर भी पानी भरने से आवागमन कठिन हो गया है।ग्रामीण राजूराम जाखड़ ने बताया कि यहां पानी की समुचित निकासी नहीं होने के कारण हर साल ग्रामीणों को इस जटिल समस्या से जूझना पड़ता है।यहां मंगलवार को पंद्रह अंगुल बरसात होने के साथ ही मध्य रात्रि को फिर अच्छी बरसात हुई ।बुधवार को यहां सुबह आसमान में छाई काली घटाओ ने जमकर पानी बरसाया ।
मौसम विभाग ने आगामी चौबीस घंटों तक मौसम ऐसा ही रहने की संभावना जताई है।














