समाचार-गढ़ 30 अगस्त, 2026।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में इस साल वोटर लिस्ट का स्पेशल समरी रिविजन (SSR) नहीं किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, अगले साल जनगणना पूरी होने के बाद दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) शुरू किया जा सकता है।
आमतौर पर SIR की प्रक्रिया 1 सितंबर से 31 दिसंबर के बीच होती है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में सर्दियों के कारण जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में इसे मौसम अनुकूल होने के बाद शुरू किए जाने की संभावना है।
SSR की जगह SIR का इंतजार
निर्वाचन आयोग देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया पूरी कर चुका है या कर रहा है। इसके तीसरे चरण के बाद जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश को छोड़कर देशभर में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, जनगणना पूरी होने और मौसम ठीक होने के बाद मार्च से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में हिमाचल प्रदेश के साथ SIR शुरू किया जा सकता है। जम्मू-कश्मीर में 2025 में भी SSR नहीं हुआ था। इससे पहले 2024 में विधानसभा चुनाव से पहले समरी रिविजन किया गया था।
जम्मू-कश्मीर में क्यों अहम मानी जा रही SIR?
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में कथित अवैध प्रवासियों की मौजूदगी को लेकर SIR महत्वपूर्ण हो सकती है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की डेमोग्राफिक बदलावों पर बनी हाई-लेवल कमेटी ने हाल में जम्मू का दौरा भी किया था।
आशंका जताई जा रही है कि कुछ अवैध प्रवासियों ने कथित तौर पर वोटर कार्ड और आधार जैसे दस्तावेज हासिल कर वोटर के रूप में रजिस्ट्रेशन कराया हो सकता है। ऐसे में SIR के जरिए वोटर लिस्ट की दोबारा गहन जांच की जा सकती है।









