समाचार-गढ़ 25 सितंबर, 2026।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान दुनिया भर के यहूदियों को खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यहूदी डरें नहीं, बल्कि आत्मविश्वास के साथ डटकर खड़े हों। नेतन्याहू ने कहा कि वह दौर बीत चुका है जब यहूदी खुद को बेबस और शिकार समझते थे। उनके मुताबिक, आज यहूदियों के पास अपना देश और अपनी सेना है।
UN में भाषण से पहले दिखा विरोध
24 सितंबर को UN महासभा में भाषण देने पहुंचे नेतन्याहू को कई देशों के राजनयिकों के विरोध का सामना करना पड़ा। जैसे ही वह मंच पर पहुंचे, कई डिप्लोमेट्स अपनी सीटों से उठकर सदन से बाहर चले गए। रिपोर्टों के मुताबिक, इस वॉकआउट में कई अरब और मुस्लिम-बहुल देशों के प्रतिनिधियों के साथ कुछ अन्य देशों के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
वहीं, हॉल में मौजूद कुछ इजरायल समर्थकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं और हिब्रू में ‘अम इजरायल चाई’ के नारे लगाए, जिसका अर्थ है- इजरायल के लोग जिंदा हैं। इसके बाद नेतन्याहू ने बाहर जा रहे डिप्लोमेट्स पर तंज कसते हुए कहा, “अगर कोई दूसरा नैतिक कायर अभी भी इस हॉल में बचा है, तो प्लीज बाहर चला जाए।”
गाजा में नरसंहार के आरोपों को बताया ‘सबसे बड़ा झूठ’
नेतन्याहू ने अपने भाषण में ईरान और गाजा के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने ईरान की परमाणु सुविधाओं पर इजरायल की सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि इन्हें तबाह करना मुश्किल था, लेकिन प्रधानमंत्री के तौर पर यह उनके लिए सबसे आसान फैसलों में से एक था। उन्होंने कहा कि अगर इजरायल ने ऐसा नहीं किया होता तो “हम सब मर चुके होते।”
गाजा में इजरायल पर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोपों को नेतन्याहू ने खारिज किया और इसे “सदी का सबसे बड़ा झूठ” बताया। उन्होंने हमास पर आम नागरिकों को ढाल के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया।
दुनिया भर के यहूदियों से क्या बोले नेतन्याहू?
अपने भाषण में नेतन्याहू ने कहा कि दुनिया भर में यहूदियों के विरोधी उन्हें डराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब वह समय बीत चुका है जब यहूदी बेबस और शिकार हुआ करते थे।
नेतन्याहू ने कहा कि आज यहूदियों के पास अपना देश है, अपनी सेना है और ऐसे लोग हैं जो उनकी रक्षा के लिए तैयार हैं। उन्होंने दुनिया भर के यहूदियों से कहा कि वे सिर ऊंचा रखें, गर्व करें, आत्मविश्वास रखें और डरें नहीं।
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग सच और न्याय की रक्षा करना चाहते हैं, उन्हें उन लोगों का सामना करने में इजरायल का साथ देना चाहिए, जिन्हें उन्होंने साझा सभ्यता के लिए खतरा बताया।
ईरान को लेकर भी दिया बड़ा संकेत
नेतन्याहू ने ईरान को लेकर भी कहा कि वहां जल्द ही कुछ “अविश्वसनीय” हो सकता है। उन्होंने ईरान की मौजूदा सत्ता और वहां के लोगों को लेकर भविष्य में बदलाव की बात कही।
नेतन्याहू का यह भाषण ऐसे समय में हुआ जब गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई और उसकी नीतियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी आलोचना जारी है। UN महासभा में हुआ वॉकआउट भी इसी व्यापक अंतरराष्ट्रीय मतभेद का एक प्रमुख दृश्य रहा।








