समाचार गढ़ 28 अक्टूबर 2026।
मुंबई: भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना में इंजीनियरिंग का एक बड़ा काम आकार ले रहा है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर महाराष्ट्र में 21 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग बनाई जा रही है। इसमें ठाणे क्रीक के नीचे से गुजरने वाला करीब 7 किलोमीटर लंबा हिस्सा भी शामिल है। यह भारत की पहली समुद्र के नीचे बनी रेल सुरंग होगी। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) से ठाणे के शिलफाटा तक बनने वाली इस सुरंग में बुलेट ट्रेन के आने-जाने के लिए एक ही ट्यूब के भीतर दो समानांतर ट्रैक होंगे। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के मुताबिक, सुरंग के निर्माण में टनल बोरिंग मशीन (TBM) और न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
जमीन से 25 से 57 मीटर नीचे बनेगी सुरंग
मुंबई के BKC से शिलफाटा तक बनने वाली 21 किलोमीटर की सुरंग का एक बड़ा हिस्सा जमीन के नीचे और करीब 7 किलोमीटर हिस्सा ठाणे क्रीक के नीचे से गुजरेगा। सुरंग के विभिन्न हिस्से जमीन की सतह से लगभग 25 से 57 मीटर की गहराई पर होंगे। इसके निर्माण के लिए 16 किलोमीटर हिस्से में टनल बोरिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि शेष 5 किलोमीटर हिस्से में NATM तकनीक अपनाई गई है।
टनल बोरिंग मशीनें जमीन के भीतर खुदाई करते हुए सुरंग तैयार करती हैं। समुद्र के नीचे के हिस्से में भी विशेष तकनीक की मदद से खुदाई की जा रही है, ताकि आसपास की जमीन और मौजूदा बुनियादी ढांचे पर प्रभाव को नियंत्रित रखा जा सके।
दो बड़ी मशीनों से हो रही खुदाई
NHSRCL के अनुसार, जुलाई 2026 में सुरंग के निर्माण के लिए दो टनल बोरिंग मशीनों से काम शुरू किया गया। पहली मशीन विक्रोली से BKC की दिशा में लगभग 6 किलोमीटर के हिस्से की खुदाई कर रही है। दूसरी मशीन घनसोली के पास सावली से विक्रोली की ओर बढ़ रही है। इसके निर्धारित मार्ग में ठाणे क्रीक के नीचे का 7 किलोमीटर लंबा हिस्सा भी शामिल है।
इस परियोजना में सुरंग निर्माण के साथ-साथ ऊंचे रेल पुलों, स्टेशनों और अन्य बुनियादी ढांचे का काम भी जारी है। सितंबर 2025 में घनसोली से शिलफाटा के बीच 4.8 किलोमीटर के सुरंग हिस्से में खुदाई का ब्रेकथ्रू हासिल किया गया था।
320 KM प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है। इस पर बुलेट ट्रेन अधिकतम 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने के लिए डिजाइन की गई है। परियोजना में कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें मुंबई BKC, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं।
सीमित स्टॉप वाली सेवा में मुंबई से अहमदाबाद का सफर लगभग 2 घंटे 7 मिनट में पूरा करने की योजना है। सभी स्टेशनों पर रुकने वाली सेवा में यह समय लगभग 2 घंटे 58 मिनट होगा।
परियोजना का कितना काम पूरा हुआ?
सितंबर 2026 में सामने आई जानकारी के अनुसार, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का कुल भौतिक काम 62.16 प्रतिशत पूरा हो चुका था। करीब 455 किलोमीटर हिस्से में पिलर का काम पूरा हो गया था, जबकि 366 किलोमीटर से अधिक एलिवेटेड वायाडक्ट पर गर्डर लगाए जा चुके थे। परियोजना के लिए आवश्यक जमीन का अधिग्रहण भी पूरा हो चुका है।
गुजरात में स्टेशनों, पुलों और ट्रैक से जुड़े काम आगे बढ़ रहे हैं, जबकि महाराष्ट्र में भूमिगत सुरंग और स्टेशन निर्माण प्रमुख चुनौतियों में शामिल हैं।
कब शुरू होगी बुलेट ट्रेन सेवा?
मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की योजना है। परियोजना के गुजरात वाले हिस्से में वापी से साबरमती तक का काम दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य संसदीय जवाब में बताया गया था। हालांकि, पूरे कॉरिडोर के चालू होने की सटीक तारीख निर्माण, तकनीकी प्रणालियों और ट्रेन सेट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
बुलेट ट्रेन परियोजना पूरी होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय काफी कम हो सकेगा। वहीं, ठाणे क्रीक के नीचे बनने वाली 7 किलोमीटर लंबी सुरंग इस परियोजना की सबसे खास इंजीनियरिंग उपलब्धियों में से एक होगी।








