समाचार-गढ़ 1 सितंबर, 2026।
कौशाम्बी में सोमवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायलों का प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में इलाज जारी है। गंभीर घायलों को आईसीयू और बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है।
धमाका इतना जोरदार था कि करीब दो किलोमीटर दूर तक इसकी आवाज सुनाई दी। आसपास के लोगों को लगा जैसे कोई बड़ा विस्फोट या मिसाइल धमाका हुआ हो। धमाके के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग फावड़े लेकर मलबा हटाने तथा घायलों को बाहर निकालने में जुट गए।
स्कूल की बिल्डिंग तक कांप उठी
घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर एक स्कूल में पैरेंट्स मीटिंग चल रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि स्कूल की इमारत तक कांप उठी। बच्चे, शिक्षक और अभिभावक घबरा गए और इसके बाद कई लोग मदद के लिए घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
इलाके में मौजूद लोगों ने बताया कि धमाके के बाद आसमान धुएं और धूल के गुबार से भर गया था। जहां पहले बस्ती नजर आती थी, वहां मलबा और खंडहर दिखाई देने लगे।
परिवार के लिए त्योहार बना मातम
हादसे में कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। धरवारा निवासी सफाईकर्मी सुधा अपनी बेटी पिहू के साथ त्योहार मनाने मायके आई थीं। ड्यूटी पर जाने से पहले वह सड़क पर परिवार से बात कर रही थीं, तभी विस्फोट हो गया। हादसे में उनकी बेटी पिहू घायल है, जबकि उनके भाई मंजीत के दो बच्चों की मौत हो गई।
एक अन्य परिजन हरीश सिंह ने बताया कि उनकी बहन और उनके तीन बच्चों की हादसे में मौत हो गई। उन्होंने कहा कि बच्चे घर में खेल रहे थे, तभी अचानक धमाका हुआ।
11 लोगों की मौत
हादसे में अब तक जिन लोगों की मौत की जानकारी दी गई है, उनमें प्रियंजलि (5), प्रवीण सिंह (13), जान्हवी (12), आदित्य (12), रवि (8), ज्ञान सिंह (40), आदित्य (8), विक्रम सरोज (35), अंजू (32), अंश (6) और नन्हा (4) शामिल हैं।
एसआरएन अस्पताल में गंभीर घायलों का इलाज
विस्फोट के बाद घायलों को प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचाए गए घायलों में से कुछ ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को ट्रॉमा सेंटर से बर्न यूनिट और आईसीयू में शिफ्ट किया गया है।
डॉक्टरों की टीमें लगातार घायलों की निगरानी कर रही हैं। हादसे की खबर मिलने के बाद बड़ी संख्या में परिजन अस्पताल पहुंचे और बर्न यूनिट के बाहर अपने अपनों की सलामती की खबर का इंतजार करते नजर आए।
हादसे के बाद 7 पुलिसकर्मी निलंबित
विस्फोट के बाद पुलिस प्रशासन पर भी कार्रवाई हुई है। पिपरी थाने की चायल चौकी के प्रभारी और तत्कालीन थाना प्रभारी समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित पुलिसकर्मियों में निरीक्षक शिवचरण राम, उपनिरीक्षक विकास सिंह, उपनिरीक्षक विनय सिंह, उपनिरीक्षक अजीत कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अभिषेक गुप्ता, उपनिरीक्षक मनीष पाल और उपनिरीक्षक अमित द्विवेदी शामिल हैं।
ओवरहेड तार टूटने से रेल यातायात प्रभावित
विस्फोट की वजह से प्रयागराज-कानपुर रेलखंड पर ओवरहेड इक्विपमेंट यानी OHE भी क्षतिग्रस्त हो गया। तार टूटकर ट्रैक पर गिरने के कारण अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। इसके चलते वंदे भारत एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों और आउटर पर फंसी रहीं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इलाके में मचा भारी नुकसान
धमाके की तीव्रता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री के आसपास मौजूद पेड़ों को भी भारी नुकसान पहुंचा। आम और नीम के पेड़ों की डालियां टूट गईं और आसपास पक्षियों के शव भी बिखरे मिले।
हादसे के बाद प्रशासन और मेडिकल टीमें राहत एवं उपचार में जुटी हैं। वहीं, पूरे मामले में यह भी जांच का विषय है कि फैक्ट्री में इतनी बड़ी मात्रा में पटाखे और विस्फोटक सामग्री किस तरह रखी गई थी और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।









