समाचार-गढ़ 22 सितंबर, 2026।
UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होने लगी है। चुनाव से काफी पहले ही अलग-अलग दल अपनी रणनीति और संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। इसी बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विपक्षी दलों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर कोई पार्टी उत्तर प्रदेश में बीजेपी को लगातार तीसरी बार सरकार बनाने से रोकना चाहती है, तो वह AIMIM के साथ बातचीत कर सकती है।
ओवैसी ने साफ कहा कि उनका दल ऐसे ‘समान विचारधारा’ वाले विपक्षी दलों के साथ काम करने को तैयार है, लेकिन इसके लिए बातचीत जरूरी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी विपक्षी दल अकेले बीजेपी का मुकाबला नहीं कर सकता।
ओवैसी बोले- अकेले मुकाबला करना आसान नहीं
एएनआई से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में बीजेपी की तीसरी सरकार बनने से रोकना चाहती है। उन्होंने विपक्षी दलों से बातचीत का रास्ता खुला रखने की बात कही।
उनके मुताबिक, अगर किसी दल का उद्देश्य बीजेपी को सरकार बनाने से रोकना है, तो वह AIMIM से बात कर सकता है और उनकी पार्टी साथ काम करने के लिए तैयार है। ओवैसी ने यह भी कहा कि विपक्षी दलों को यह समझना होगा कि वे अकेले बीजेपी को रोकने की स्थिति में नहीं हैं।
हालांकि, ओवैसी ने यह भी कहा कि 2027 का चुनाव पिछले चुनावों की तरह नहीं होगा। उन्होंने 2014, 2017, 2019 और 2022 के चुनावों से इसकी तुलना करने से बचने की बात कही।
बिहार चुनाव का भी दिया उदाहरण
ओवैसी ने बिहार विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने चुनाव से पहले आरजेडी, कांग्रेस, सीपीआई और अन्य कम्युनिस्ट दलों के नेताओं को पत्र लिखकर केवल छह सीटों की मांग की थी, लेकिन सहमति नहीं बनी।
उन्होंने कहा कि AIMIM अपना संगठन मजबूत करने का काम जारी रखेगी। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश में पार्टी का संगठन मजबूत हुआ है और उसका नेतृत्व जमीनी स्तर से सामने आया है।
सरकार पर भी साधा निशाना
ओवैसी ने उत्तर प्रदेश की पिछली समाजवादी पार्टी सरकार और मौजूदा बीजेपी सरकार पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दोनों सरकारों के दौर की कानून-व्यवस्था की तुलना करते हुए अलग-अलग तरह की ‘गुंडागर्दी’ का आरोप लगाया।
उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित गबन मामले की SIT रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाया। ओवैसी ने पूछा कि रिपोर्ट जनता के सामने क्यों नहीं रखी जा रही और मामले में आरोपियों को जमानत कैसे मिल रही है। ये उनके राजनीतिक आरोप और सवाल हैं; रिपोर्ट सार्वजनिक न किए जाने के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती।
कानून व्यवस्था, बिजली और जमीन विवाद को बताया मुद्दा
ओवैसी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से किए गए कई वादे पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने शासन, कानून-व्यवस्था, बिजली और जमीन से जुड़े विवादों को आगामी विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण मुद्दे बताया।
इस बीच यूपी की दूसरी राजनीतिक पार्टियां भी 2027 के चुनाव के लिए अपनी रणनीति तैयार कर रही हैं। ऐसे में ओवैसी का यह बयान चुनाव से पहले संभावित विपक्षी समीकरणों को लेकर एक नई चर्चा जरूर शुरू करता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि AIMIM किन दलों के साथ औपचारिक चुनावी समझौते की दिशा में आगे बढ़ेगी।








