समाचार-गढ़ 13 अक्टूबर, 2026।
जिस बेटी को मृत समझकर परिवार अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहा था, वह अचानक अपने ही ताबूत में हिलने लगी। मां ने जब यह देखा तो तुरंत ताबूत खोला गया। अंदर 15 साल की युलेइडी इक्सकोटोयाक जिंदा थी। यह हैरान करने वाली घटना 10 अक्टूबर को ग्वाटेमाला के एल जोकोटे गांव में हुई। परिवार के मुताबिक, युलेइडी को करीब आठ घंटे तक मृत समझा जाता रहा। लेकिन इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल भी सामने आया—जब किसी डॉक्टर ने उसकी मौत की पुष्टि नहीं की थी, तो परिवार ने उसे मृत कैसे मान लिया?
सीने में दर्द के बाद अचानक बेहोश हुई युलेइडी
रिपोर्टों के मुताबिक, युलेइडी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उसने अपने पिता अब्राहम इक्सकोटोयाक को बताया कि उसके सीने में तेज दर्द हो रहा है और भारीपन महसूस हो रहा है। पिता उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने निकले, लेकिन रास्ते में ही वह बेहोश हो गई।
अब्राहम के अनुसार, सैन पेड्रो जोकोपिलास इलाके के पास उन्हें लगा कि बेटी की सांसें नहीं चल रही हैं और नब्ज भी महसूस नहीं हो रही। उन्हें लगा कि युलेइडी की मौत हो गई है। इसके बाद वह उसे अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने के बजाय ताबूत लेकर घर लौट आए।
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि युलेइडी की मौत की किसी चिकित्सक ने पुष्टि नहीं की थी। यानी परिवार ने दिखाई देने वाले लक्षणों के आधार पर ही उसे मृत मान लिया था।
अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच ताबूत में हुई हलचल
युलेइडी को घर लाए जाने के बाद परिवार, रिश्तेदार और पड़ोसी इकट्ठा होने लगे। घर में मातम पसरा था और परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था। मां लेसविया रियोस अपनी बेटी को खोने के गम में रो रही थीं।
इसी दौरान मां की नजर ताबूत पर पड़ी। उन्हें उसके अंदर कुछ हलचल महसूस हुई। पहले उन्हें भरोसा नहीं हुआ, लेकिन दोबारा देखने पर ताबूत में हलचल दिखाई दी। इसके बाद ताबूत खोला गया तो युलेइडी में हरकत नजर आई और वह होश में आने लगी।
वहां मौजूद लोगों ने तुरंत उसे बाहर निकालने में मदद की। कुछ देर पहले तक जिस घर में मातम छाया हुआ था, वहां अचानक अफरा-तफरी और हैरानी का माहौल बन गया। सामने आए वीडियो में भी लोगों को युवती की मदद करते देखा जा सकता है।
होश आने पर युलेइडी ने क्या बताया?
होश में आने के बाद युलेइडी ने बताया कि उसे पहले सीने में तेज दर्द महसूस हुआ था। उसे ऐसा लग रहा था, जैसे सीना भारी हो रहा हो। इसके बाद वह बेहोश हो गई और फिर उसे आगे की घटनाएं याद नहीं थीं।
उसने अपने माता-पिता और उसके लिए चिंता करने वाले लोगों के प्रति आभार जताया। परिवार ने इस घटना को ईश्वर का आशीर्वाद माना। हालांकि, धार्मिक आस्था परिवार की अपनी प्रतिक्रिया है; युवती के बेहोश होने और कई घंटे बाद होश में आने की चिकित्सकीय वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
आखिर युलेइडी के साथ हुआ क्या था?
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि युलेइडी को मृत क्यों समझ लिया गया और वह कई घंटे बाद ताबूत में होश में कैसे आई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उसे अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के लिए नहीं ले जाया गया था और उसकी मौत की आधिकारिक चिकित्सकीय पुष्टि भी नहीं हुई थी।
सीने में दर्द, बेहोशी और सांस या नब्ज महसूस न होने जैसी स्थिति गंभीर हो सकती है। लेकिन केवल इन संकेतों के आधार पर किसी व्यक्ति की मृत्यु मान लेना सही नहीं है। मौत की पुष्टि प्रशिक्षित चिकित्सकीय पेशेवरों द्वारा की जानी चाहिए।
फिलहाल, युलेइडी की स्थिति के पीछे की वजह बताने वाली कोई सार्वजनिक चिकित्सकीय रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इसलिए इस घटना को चमत्कार या किसी खास बीमारी का नतीजा बताने के बजाय, उपलब्ध तथ्यों और परिवार के बयानों के आधार पर ही समझना जरूरी है।








