दिनांक 19-06-2023 के पंचांग के साथ जाने और भी कई खास बातें राजगुरू पंडित रामदेव उपाध्याय के साथ
गुप्त नवरात्रि पर सुखद दाम्पत्य जीवन हेतु अवश्य करें ये अचूक उपाय
श्री गणेशाय नमः
तिथि वारं च नक्षत्रं
योगो करणमेव च ।
पंचागं श्रृणुते नित्यं
श्रीगंगा स्नानं फलं लभेत् ।।
शास्त्रों के अनुसार नित्य पंचांग के तिथि, वार, नक्षत्र ,योग ,करण आदि पांच अंगों को सुनने से गंगा स्नान के बराबर फल मिलता है अतः नित्य पंचांग अवश्य सुनना चाहिए।। *आज का पंचांग*
दिनांक- 19/06/2023
श्री डूंगरगढ़
अक्षांश – 28:06
रेखांश – 74:04
पंचांग
विक्रम संवत् – 2080
शक संवत् – 1945
* ऋतु – ग्रीष्म
* अयन- उत्तरायण
* मास – आषाढ़
* पक्ष- शुक्ल
* तिथि- प्रतिपदा प्रातः 11:21:24 बजे उपरांत द्वितीया
* वार- सोमवार
* नक्षत्र – आर्द्रा रात्रि 20:06 बजे उपरांत पुनर्वसु
* योग- वृद्धि रात्रि 25:40:36 बजे उपरांत ध्रुव
- करण- 1 बव- 11:21:24 A. M. 2 बालव-24:12:24 P.M. उपरांत कौलव
चंद्र राशि मिथुन
चंद्र बल-मेष, वृषभ,मिथुन, सिंह, कन्या, तुला, धनु, मकर, कुंभ
सम्वत् नाम – पिंगल
सूर्योदय -05:45 A.M. सूर्यास्त – 07:24 P.M.
दिनमान – 13:39
रात्रिमान – 10:21 *शुभ समय* अभिजित मुहूर्त मध्याह्न -12:10:30 बजे से 12:58:30 तक
अशुभ समय
यमगण्ड – प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक राहुकाल- प्रातः 7:30 से 9:00 बजे तक
*(विशेष- राहुकाल चक्र भारत के दक्षिण संभाग में ही मान्य है दक्षिण संभाग के लोगों को शुभ कार्यो में राहु काल के समय का त्याग करना चाहिए किंतु उत्तर भारत में राहुकाल का समय शुभ कार्यों में त्यागने की आवश्यकता नहीं है । ) **
कालवेला या अर्द्धयाम
1. प्रातः 07:27:22 से 09:09:45 बजे तक
2. रात्रि 11:16:52 से 12:34:30 बजे तक
गुलिक काल – दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक
दिशा शूल – पूर्व दिशा
चौघड़िया ( दिन)
1.अमृत- प्रातः 05:45 से 07:27:22 तक
2.काल-प्रातः 07:27:22 से 09:09:45 (कालवेला निषेध)
3.शुभ-प्रातः 09:09:45 से 10:52:07 तक
4.रोग-प्रातः 10:52:07 से 12:34:30 तक
5.उद्वेग- दोपहर 12:34:30 से 02:16:52 तक
6.चंचल- दोपहर 02:16:52 से 03:59:15 तक
7.लाभ- सायं 03:59:15 से 05:41:37 तक (वारवेला निषेध)
8.अमृत-सायं 05:41:37 से 07:24 तक
चौघड़िया ( रात्रि)
1.चंचल-रात्रि 07:24 से 08:41:37 तक
2.रोग-रात्रि 08:41:37 से 09:59:15 तक
3.काल-रात्रि 09:59:15 से 11:16:52 तक
4.लाभ-रात्रि 11:16:52 से 12:34:30 तक (काल वेला निषेध)
5.उद्वेग-रात्रि 12:34:30 से 01:52:07 तक
6.शुभ-रात्रि 01:52:07 से 03:09:45 तक
7.अमृत-रात्रि 03:09:45 से 04:27:22 तक
8.चंचल-रात्रि 04:27:22 से 05:45:00 तक
विशेष- गुप्त नवरात्रि प्रारंभ, चंद्र दर्शन
घट स्थापना मूहुर्त
1.प्रात: 09:09:15 से 10:52:07 बजे तक (शुभ वेला)
2.दोपहर 12:10:30.से 12:58:30 बजे तक (अभिजीत मुहूर्त )
अचूक उपाय- यदि आपके वैवाहिक जीवन में किसी भी प्रकार की परेशानियां चल रही है या पति-पत्नी के मध्य असामंजस्य के कारण रिश्ते में दरार पड़ रही है तो कृपया आज से गुप्त नवरात्र के नौ दिनों तक यह अचूक उपाय अवश्य करें।
प्रथम दिन मां शक्ति का ध्यान करके 09 पुष्प,
द्वितीय दिवस मां शक्ति का ध्यान करके 18 पुष्प,
तृतीय दिवस मां शक्ति का ध्यान करके 27 पुष्प,
चतुर्थ दिवस मां शक्ति का ध्यान करके 36 पुष्प,
पंचम दिवस मां शक्ति का ध्यान करके 45 पुष्प,
षष्ठम् दिवस मां शक्ति का ध्यान करके 54 पुष्प,
सप्तम दिवस मां शक्ति का ध्यान करके 63 पुष्प,
अष्टम दिवस मां शक्ति का ध्यान करके 72 पुष्प,
नवम दिवस मां शक्ति का ध्यान करके 81 पुष्प श्रद्धा पूर्वक मां को अर्पण करने से वैवाहिक जीवन में आ रही सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं।
राजगुरु पंडित रामदेव उपाध्याय ( शास्त्री-आचार्य ,ज्योतिष विद्, बी.ए.)
भू.पू. सहायक आचार्य
श्री ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय
श्री डूंगरगढ़
M.N. 9829660721




















