समाचार-गढ़ 7 अगस्त, 2026।
रांची: झारखंड में 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन भी जारी रहा। राजधानी रांची में आमरण अनशन कर रहे छात्र राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें एंबुलेंस से सदर अस्पताल ले जाया गया।
छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियां हुई हैं। वे पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि जांच CBI से कराई जाए या फिर राज्य के बाहर के हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति गठित की जाए।
6 छात्र भूख हड़ताल पर, देवेंद्र नाथ महतो का अनशन जारी
आंदोलन के तहत 2 महिलाओं समेत कुल 6 छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का आमरण अनशन भी लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार बिगड़ती सेहत के बावजूद वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।
राहुल क्रांति ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों से सिर्फ नौकरी का नुकसान नहीं होता, बल्कि युवाओं का पूरी व्यवस्था पर भरोसा भी प्रभावित होता है।
विधानसभा के बाहर NDA विधायकों का प्रदर्शन
छात्रों के आंदोलन के समर्थन में NDA विधायकों ने शुक्रवार को झारखंड विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। विधायकों ने हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की CBI जांच कराने की मांग की।
विपक्षी नेताओं ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और छात्रों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
आंदोलन को आदिवासी समाज का भी समर्थन
प्रदर्शन स्थल पर आदिवासी समाज के लोग भी पहुंचे और छात्रों के समर्थन में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। पारंपरिक वाद्ययंत्रों और लोकगीतों के जरिए उन्होंने आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन केवल कुछ छात्रों की परीक्षा से जुड़ी मांग नहीं है, बल्कि राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य और भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा है।
सरकार से बातचीत का इंतजार
छात्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री की ओर से बातचीत की बात सामने आने के बावजूद उन्हें अब तक औपचारिक रूप से वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया है। फिलहाल आंदोलनकारी अपनी मांगों पर कायम हैं और अनशन जारी है।









