समाचार-गढ़ 7 अगस्त, 2026।
रियाद: ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को सऊदी अरब के दक्षिणी इलाके नजरान में बड़ा हमला किया। हमले में 11 नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें एक 4 साल का बच्चा भी शामिल है। वहीं, इससे एक दिन पहले यमन में सऊदी समर्थित सरकारी सेना पर हुए हमले में 58 सैनिकों के मारे जाने की खबर है।
सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने बताया कि हूतियों ने नजरान के रिहायशी इलाकों में कई प्रोजेक्टाइल दागे। इनमें से कुछ रिहायशी क्षेत्रों में गिरे, जिससे कई जगहों पर आग लग गई। उन्होंने हूतियों पर नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया और इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया।

घायलों में 4 साल का बच्चा भी शामिल
सऊदी अधिकारियों के अनुसार, घायल हुए 11 लोगों में 7 सऊदी, 1 यमनी, 2 मिस्र और 1 पाकिस्तानी नागरिक शामिल हैं। घायलों में एक सऊदी महिला और चार साल का बच्चा भी है, जिन्हें सेकंड-डिग्री बर्न की चोटें आई हैं।
हमले के बाद सुरक्षा बलों ने प्रभावित इलाकों में कार्रवाई शुरू की और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
यमन में सऊदी समर्थित सेना को भारी नुकसान
सऊदी अरब पर हमले से एक दिन पहले हूती विद्रोहियों ने यमन के मध्य और पूर्वी हिस्सों में सऊदी समर्थित सरकारी बलों के सैन्य ठिकानों पर हमला किया था।
यमनी अधिकारियों के मुताबिक, मारिब और हद्रामौत प्रांतों में हुए इन हमलों में 58 सैनिकों की मौत हुई। 50 से ज्यादा लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। हूती नेताओं ने दावा किया कि इन हमलों में सऊदी समर्थित सैनिकों को निशाना बनाया गया।
2022 के युद्धविराम के बाद फिर बढ़ा तनाव
हूतियों के लगातार हमले अप्रैल 2022 में हुए युद्धविराम के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ने की सबसे गंभीर घटनाओं में शामिल हैं। उस युद्धविराम के बाद हूतियों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच बड़े पैमाने पर संघर्ष काफी हद तक थम गया था।
हालांकि, पिछले महीने राजधानी सना में एक ईरानी विमान को रोकने के लिए गठबंधन सेना की कार्रवाई के बाद तनाव फिर बढ़ गया। इसके बाद हूतियों ने सऊदी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की और सऊदी से जुड़े जहाजों को निशाना बनाने की बात कही।
यमन में एक दशक से जारी गृहयुद्ध
यमन लंबे समय से गृहयुद्ध की चपेट में है। 2014 में हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को देश छोड़ना पड़ा। इसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूतियों के खिलाफ सैन्य हस्तक्षेप किया।
एक दशक से ज्यादा समय से जारी इस संघर्ष ने यमन के बुनियादी ढांचे और अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है। बड़ी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लाखों लोग विस्थापन और गंभीर मानवीय संकट का सामना कर रहे हैं।
ताजा हमलों से यमन संघर्ष में एक बार फिर तनाव बढ़ने के संकेत मिले हैं।









