दिनांक 26-06-2023 के पंचांग के साथ जाने और भी कई खास बातें राजगुरू पंडित रामदेव उपाध्याय के साथ
यदि आपको रहता हैं मानसिक तनाव तो अवश्य करें यह निवारण
श्री गणेशाय नमः
तिथि वारं च नक्षत्रं
योगो करणमेव च ।
पंचागं श्रृणुते नित्यं
श्रीगंगा स्नानं फलं लभेत् ।।
शास्त्रों के अनुसार नित्य पंचांग के तिथि, वार, नक्षत्र ,योग ,करण आदि पांच अंगों को सुनने से गंगा स्नान के बराबर फल मिलता है अतः नित्य पंचांग अवश्य सुनना चाहिए।। *आज का पंचांग*
दिनांक- 26/06/2023
श्री डूंगरगढ़
अक्षांश – 28:06
रेखांश – 74:04
पंचांग
विक्रम संवत् – 2080
शक संवत् – 1945
* ऋतु – वर्षा
* अयन- दक्षिणायण
* मास – आषाढ़
* पक्ष- शुक्ल
* तिथि- अष्टमी -रात्रि 26:01:24 बजे उपरांत नवमी
* वार- सोमवार
* नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी रात्रि 12:39 बजे उपरांत हस्त
* योग- व्यतिपात प्रातः 06:02:36 बजे उपरांत वरियान
- करण- 1. विष्टि (भद्रा)- 13:15:24 P.M. 2. बव -26:01:24 A.M. उपरांत बालव –
चंद्र राशि कन्या
चंद्र बल– मेष, वृषभ, कर्क, सिंह, कन्या, वृश्चिक, धनु, मकर, मीन
सम्वत् नाम – पिंगल
सूर्योदय -05:47 A.M. सूर्यास्त – 07:25 P.M.
दिनमान – 13:38
रात्रिमान – 10:22 *शुभ समय* अभिजित मुहूर्त मध्याह्न -12:12 बजे से 01:00 तक
अशुभ समय
यमगण्ड – प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक राहुकाल- प्रातः 7:30 से 9:00 बजे तक
*(विशेष- राहुकाल चक्र भारत के दक्षिण संभाग में ही मान्य है दक्षिण संभाग के लोगों को शुभ कार्यो में राहु काल के समय का त्याग करना चाहिए किंतु उत्तर भारत में राहुकाल का समय शुभ कार्यों में त्यागने की आवश्यकता नहीं है । ) **
कालवेला या अर्द्धयाम
1. प्रातः 07:29:15 से 09:11:30 बजे तक
2. रात्रि 11:18:15 से 12:36:00बजे तक
गुलिक काल – दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक
दिशा शूल – पूर्व दिशा
चौघड़िया ( दिन)
1.अमृत- प्रातः 05:47 से 07:29:15 तक
2.काल-प्रातः 07:29:15 से 09:11:30 (कालवेला निषेध)
3.शुभ-प्रातः 09:11:30 से 10:53:45 तक
4.रोग-प्रातः 10:53:45 से 12:36:00 तक
5.उद्वेग- दोपहर 12:36:00 से 02:18:15 तक
6.चंचल- दोपहर 02:18:15 से 04:00:30 तक
7.लाभ- सायं 04:00:30 से 05:42:45 तक (वारवेला निषेध)
8.अमृत-सायं 05:42:45 से 07:25 तक
चौघड़िया ( रात्रि)
1.चंचल-रात्रि 07:25 से 08:42:45 तक
2.रोग-रात्रि 08:42:45 से 10:00:30 तक
3.काल-रात्रि 10:00:30 से 11:18:15 तक
4.लाभ-रात्रि 11:18:15 से 12:36:00 तक (काल वेला निषेध)
5.उद्वेग-रात्रि 12:36:00 से 01:53:45 तक
6.शुभ-रात्रि 01:53:45 से 03:11:30 तक
7.अमृत-रात्रि 03:11:30 से 04:29:15 तक
8.चंचल-रात्रि 04:29:15 से 05:46:00 तक
विशेष–
वर्तमान समय में अधिकांश लोग किसी न किसी कारण से डिप्रेशन (तनाव) से परेशान रहते हैं । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रग्रह पीड़ित होना ही तनाव रहने का सामान्य कारण होता है अतः यदि आप तनावग्रस्त रहते हैं तो कृपया सोमवार के दिन भगवान शिव पर गाय का कच्चा दूध अवश्य चढ़ाएं इस प्रयोग से तनाव दूर होने के प्रबल आसार रहते हैं।
राजगुरु पंडित रामदेव उपाध्याय ( शास्त्री-आचार्य ,ज्योतिष विद्, बी.ए.)
भू.पू. सहायक आचार्य
श्री ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय
श्री डूंगरगढ़
M.N. 9829660721




















