समाचार-गढ़, श्रीडूंगरगढ़। राजस्थान आशा सहयोगिनी संघ ने उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री मंत्री अशोक गहलोत के नाम का ज्ञापन दिया। संघ के सचिव अन्नपूर्णा ने बताया कि राजस्थान व भारत सरकार हमारा शोषण कर रही है। बच्चा पैदा होने से पहले से लेकर 6 वर्ष तक सारा देखभाल जचा व बच्चों की जिम्मेदारी हमारी है। सब प्रकार के टिकाकरण हमारे द्वारा करवाया जाता है। परिवार नियोजन के सारी काम की जिमेदारी हमारी है। सब प्रकार के सर्वे व पुकार मीटिंग का आयोजन करते हैं। इसके बदले हमें मात्र 3000₹ महीना मानदेय मिलता है। खेद का विषय है ये सारे काम ओन लाईन करना पड़ता है न सरकार हमे मोबाइल देती है, न डाटा हम सारे कमजोर घरों से आती है, विभाग व घर वाले के बीच में बहुत परेशान होती है। कोई सुनने वाले नहीं है। हर समय हटाने की धमकी दी जाती है। कुछ मिलता है वो भष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। ऐसे हालत में हमे संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। न्यूनतम मजदूरी भी प्रशिक्षित की 700/ दिन है 21000 महिने की होती है। हमने मुख्यमंत्री से मांग की है कि राज्य कर्मचारी घोषित करो। तब तक न्युनतम मजदूरी दी जाने, मोबाईल फोन व डाटा दिया जाने, हर माह की एक निश्चित तिथि तक मानदेय व अन्य कोई राशि का भुगतान किया जावे मोबाईल फोन डाटा व प्रशिक्षण न दिया जाता तब तक ऑनलाइन काम ऑफिस में करवाया जावे। अध्यक्ष उर्मिला देवी ने बताया कि ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी श्रीडूंगरगढ़ को भी प्रदर्शन कर ज्ञापन देकर अवगत करवा दिया है अधिकारी ने उच्चाधिकारियों तक बात पहुचाने का वादा किया है। ज्ञापन में 18 जुलाई तक उचित कार्यवाही न होने पर उपखंड अधिकारी श्रीडूंगरगढ के आगे धरना प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन के दौरान कुसुम शर्मा, बसंती, सुमित्रा, विमला पुरी, मंजू, मंजू प्रजापति, मंजू गोदारा, अंजू, समीप, संतोष, रेखा, राजकुमारी, गीता देवी, जीवनी, शार्मिला, परमेश्वरी, आशावादी मंजू शर्मा सहित अनेक सहयोगिनियों ने भाग लिया।













