समाचार गढ़ 4 मई 2026। भीलवाड़ा जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित कावाखेड़ा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक 8वीं कक्षा के छात्र को कथित तौर पर सजा के रूप में अत्यधिक उठक-बैठक लगवाने का मामला सामने आया है। घटना सोमवार की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, स्कूल में बीएड इंटर्नशिप कर रही एक महिला शिक्षिका ने पढ़ाई में ध्यान नहीं देने पर 13 वर्षीय छात्र को उठक-बैठक करने की सजा दी। आरोप है कि छात्र से करीब 200 उठक-बैठक लगवाई गई, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह कक्षा में ही बेहोश हो गया।
स्कूल स्टाफ द्वारा तुरंत छात्र को नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। सूचना मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे और बाद में बच्चे को लेकर स्कूल पहुंचे, जहां उन्होंने जमकर हंगामा किया।
पीड़ित छात्र की मां ने आरोप लगाया कि शिक्षिका ने पहले भी शनिवार को 100 उठक-बैठक लगवाई थीं और सोमवार को संख्या बढ़ाकर 200 कर दी। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में इस तरह की सजा देना बच्चे के लिए खतरनाक है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बच्चे को कुछ गंभीर हो जाता तो जिम्मेदार कौन होता।
हंगामे के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद संबंधित महिला शिक्षिका स्कूल से चली गईं।
वहीं, स्कूल के स्टाफ इंचार्ज प्रदीप मेहता ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि 200 उठक-बैठक लगवाने की बात सही नहीं है। उनके अनुसार, पढ़ाई नहीं करने पर संभवतः कुछ उठक-बैठक लगवाई गई होंगी, लेकिन मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्र को अस्थायी प्रवेश दिया गया है और परिजन बेवजह माहौल बना रहे हैं।
फिलहाल मामले को लेकर कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज हुई है या नहीं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।















