समाचार-गढ़, 30 अगस्त 2023। मां सरस्वती चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय श्रीडूंगरगढ़ में श्रावण शुक्ल पक्ष पूर्णिमा बुधवार को श्रावणी उपाकर्म मनाया गया। प्रात:काल पाठशाला स्थित कैलाश मानसोवर में गण स्नान संपन्न हुआ।
ऋषकुल संस्कृत विद्यालय के व्यवस्थापक सत्यनारायण पारीक ने बताया कि प्राचार्य गोविन्द प्रसाद बोहरा, आचार्य रविशंकर दाधीच, समेत छात्रों व पूर्व छात्रों ने मिट्टी, गोमय, गोमूत्र, दुग्ध, दही, धृत, भस्म आदि से विधिपूर्वक स्नान किया। इसके बाद विद्यालय परिसर में तर्पण, ऋषि पूजन, किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि उपाकर्म मानसिक शुद्धि और ऊर्जा प्राप्त करने का प्रमुख साधन है। उपाकर्म की विशेषताओं को विस्तार से बताते हुए कहा कि यह क्रिया वैज्ञानिक आधार प्रदान करती है। संस्कृत भाषा को पारंपरिक भारतीय संस्कृति का दर्पण बताते हुए संस्कृत को देवत्व प्रदान करने वाली भाषा बताया। इस अवसर पर व्यवस्थापक श्री सत्यनारायण पारीक, भंवरलाल राजपुरोहित, कथा वाचक पंडित संतोष सागर, पंडित गोपाल व्यास, पंडित देवकिशन छंगाणी, पंडित भास्कर सारस्वत, पंडित महेश बोहरा, सालासर पुजारी शंकरलाल पुजारी एवम् शहर के अन्य विद्वत जन उपस्थित थे।






















